सुश्री सरोज कंसारी
(कवयित्री, लेखिका व शिक्षिका)
रिपोर्टर एवं उद्घोषिका
नवापारा-राजिम, रायपुर (छत्तीसगढ़)
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
लेख:
विचार ऊँचा रखिए, जीवन ऊँचा होगा
: सुश्री सरोज कंसारी
———————————–
मनुष्य जीवन में विचारों का बहुत महत्व है। विचार सकारात्मक हैं तो हम जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना सहजता से कर सकते हैं। विचारों में असीम शक्ति होती है। विचार से जीवन की दिशा तय होती है। विचार सही हैं तो जीवन भी ऊँचा होता है। उच्च विचार जीवन के हर पल को साकार बनाते हैं। जब हम सभी के हित की कामना करते हैं, तब मन भी शांत होता है। सच कहने से अनावश्यक उलझन से बच जाते हैं। सच का साथ देने से आत्मबल बढ़ता है। स्वार्थ को त्यागकर हम अपने हर पल को सुखद बना पाते हैं। हर किसी को प्रेमपूर्ण व्यवहार दीजिए। रिश्तों में मिठास बनाए रखने के लिए एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान जरूरी है। सभी के जीवन में सुख-शांति, समृद्धि की कामना से भावनाएँ पवित्र होती हैं। किसी बात पर घमंड न करें। परिवार-समाज और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य का निर्वहन ईमानदारी से करिए। आपका हर कर्म सही दिशा में हो, यह ध्यान रखिए। अच्छे कर्म करते रहिए। माफ़ करने से बहुत से विवाद सुलझ जाते हैं। कठोर मत बनिए! जहाँ जरूरी हो वहाँ अवश्य झुकिए।
चाहे अमीरी हो या गरीबी, हर हाल में खुश रहिए। अपनी दीन-हीन स्थिति को कोसने की बजाय, मेहनत से भाग्य बदलिए। अधिक पाने की चाह में गलत कदम मत उठाइए। संतुष्ट रहना सीखिए, जरूरतें तो कभी खत्म नहीं होंगी। मिलनसार बनिए। ईर्ष्या, छल-कपट, षड्यंत्र, झूठ का भाव रखने से तन और मन कमजोर होता है। मन विचलित और हमेशा दुखी रहता है। क्रोध आने पर शांत हो जाइए। हर वक्त दूसरों को हराने और आगे बढ़ने की होड़ में बेचैनी पालकर मत रखिए। कभी दूसरों की खुशी के लिए हार जाना भी बहुत बड़ी जीत होती है। जो जिंदगी की दौड़ में पीछे हैं, गिरे-हारे, उदास और असफल हैं, उन्हें साथ लेकर चलिए। उत्साहित और प्रोत्साहित कीजिए। किसी को जीने की वजह देना भी सुकून भरा पल होता है। माँगने की बजाय दीजिए – प्रेम, करुणा, स्नेह, अपनापन, सांत्वना, सहयोग, मित्रवत व्यवहार, दान, सही दिशा, सम्मान, साथ, संस्कार आदि देने से हमेशा आपका मन प्रसन्नचित्त रहेगा। दिल की गहराई से निभाइए हर रिश्ते को। अपने हर क्षण को यादगार बनाइए। लोगों के काम आते रहिए। वक्त बदलता रहता है, किसी के बुरे वक्त में साथ मत छोड़िए। किसी की उम्मीद मत तोड़िए।
मन साफ रखिए। धोखा करके खुद को आप धोखे में मत रखिए। कर्म से बचना मुश्किल है, जो देंगे एक दिन आपको वहीं मिलेगा, इसलिए अच्छाई बाँटते रहिए। सिर्फ धन-दौलत बटोरने में मग्न मत रहिए। जीवन को आनंदित बनाने के लिए भी समय निकालिए, कभी छोटी-छोटी बातों पर मुस्कुराइए, बच्चों के साथ कुछ पल बिताइए, खेलिए और कुछ देर के लिए बच्चे बन जाइए। संगीत की धुन में थिरकिए। खुलकर हँसने के लिए अपने पद-प्रतिष्ठा और दौलत का घमंड त्याग दीजिए। छोटे या बड़े का भेदभाव छोड़ दीजिए, इंसान होने के नाते हर किसी से मुस्कुराकर मिलिए, बातें कीजिए। जो आपको खुशियों की वजह दें, उन्हें दिल से गले लगाइए और धन्यवाद दीजिए। इस सांसारिक जीवन में आकर सिर्फ जिम्मेदारियों में ही नहीं जकड़े रहना है। कर्तव्य निर्वहन के साथ ही अपनी जिंदगी को खुलकर जीना है। अच्छे विचार स्वस्थ मानसिकता के विकास में सहयोगी हैं। जिस सोच पर हम अधिक ध्यान देते हैं, वही व्यवहार बन जाता है। अच्छे विचार मस्तिष्क को सक्रिय करते हैं, जीवन के हर क्षेत्र में अपनी भूमिका का निर्वहन बेहतर ढंग से करने के लिए।






