प्रभारी सम्पादकः दिनेश शास्त्री
(नया अध्याय, देहरादून)
उत्तराखंड आन्दोलन में प्रभात फेरियों ने जागृत किया
डा. अतुल शर्मा
एमडी डी ए कालोनी भगत सिंह कालोनी जैन प्लाट आदि में 1994 से लगातार प्रभात फेरियों ने अलख जगाई।
मैं सुबह पांच बजे ढफली लेकर पहुँच जाता। वहाँ पत्रकार जयसिंह रावत राम लाल खंडूरी राकेश जुयाल जगमोहन जोशी मंटू आदि जन गीत गाते हुए निकल पड़ते।
जागो रे जागो की गूँज उभरती। मेरा लिखा जन गीत,,, लड़के लेंगे छीन के लेंगे उत्तराखंड पूरे उत्तराखंड में गूंजा।
उत्तरकाशी में कला दर्पण की सौ दिनो के प्रभात फेरियों में उठा,,, छीन के लेगे उत्तराखंड। नैनीताल समाचार युग मंच ज स म और देहरादून के उत्तराखण्ड सांस्कृतिक मोर्चा में यह जन गीत हजारों जगह गाया गया।
साथ ही गिर्दा बल्ली सिंह चीमा जहूर आलम नरेन्द्र सिंह नेगी आदि के लिखे गीत लगातार गाये गये।
रामपुर तिराहा कांड ने दिल दहला दिया था। भाई रविंद्र जुगरान ने कई बार आंखों देखा हाल बयां किया है। लोग शहीद हुए और महिलाओं का अपमान हुआ। पर इससे उत्तराखंड आन्दोलन और बढ़ा।
कर्फ्यू में भी लगातार प्रभात फेरियों होती रही।






