सम्पादक रुद्रप्रयागः लक्ष्मण सिंह नेगी
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
अतिक्रमण हटाने के विरोध में हेलीपेड
पर गरजे व्यापारी व तीर्थ पुरोहित।
कार्रवाई से प्रभावित व्यापारियों ने
शासन-प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी।
ऊखीमठ: केदारनाथ धाम में प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद प्रभावित व्यापारियों और तीर्थ पुरोहित समाज में आक्रोश बढ़ गया है। कार्रवाई से पीड़ित व्यापारियों व तीर्थ पुरोहितों ने हेलीपेड पर धरना देकर शासन-प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए प्रभावित लोगों के हितों का ध्यान रखने और उनकी समस्याओं का समाधान करने की मांग उठाई।
धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि केदारनाथ धाम में वर्षों से व्यापार एवं तीर्थ पुरोहिती से जुड़े लोगों की आजीविका संचालित होती रही है। प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कई व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। उनका कहना था कि कार्रवाई से पहले प्रभावित लोगों के साथ समुचित संवाद किया जाना चाहिए था और उनकी आजीविका एवं भविष्य को लेकर ठोस व्यवस्था बनाई जानी चाहिए थी।
पीड़ित व्यापारियों ने कहा कि केदारनाथ धाम में यात्रा व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के नाम पर लगातार लिए जा रहे निर्णयों का सीधा असर स्थानीय व्यापारियों और यहां पीढ़ियों से धार्मिक गतिविधियों से जुड़े तीर्थ पुरोहित समाज पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि व्यापारी यात्रा सीजन के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराते हैं, ऐसे में उनकी आजीविका के प्रति भी शासन-प्रशासन को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।
धरने के दौरान तीर्थ पुरोहित समाज ने भी प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि केदारनाथ धाम की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े लोगों के हितों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने प्रभावित परिवारों की समस्याओं का स्थायी समाधान करने, कार्रवाई से हुए नुकसान का आकलन करने तथा भविष्य में किसी भी कार्रवाई से पूर्व संबंधित पक्षों से वार्ता करने की मांग की।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। उन्होंने कहा कि जब तक प्रभावित व्यापारियों और तीर्थ पुरोहित समाज की समस्याओं पर सकारात्मक पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रखने पर विचार किया जाएगा। धरने के चलते हेलीपेड क्षेत्र में कुछ समय तक माहौल गरमाया रहा।
व्यापारियों और तीर्थ पुरोहितों ने प्रशासन से मांग की कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से प्रभावित लोगों की स्थिति का गंभीरता से परीक्षण किया जाए तथा उन्हें राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही केदारनाथ धाम के विकास एवं यात्रा व्यवस्था से जुड़े निर्णयों में स्थानीय हितधारकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। इस मौके पर व्यापार संघ अध्यक्ष विष्णु रूवाडी, पूर्व केदार सभा अध्यक्ष विनोद शुक्ला, पंकज शुक्ला, कृष्णा शुक्ला, अजय जुगरान, नितीन तिवारी, विष्णु कान्त शुक्ला सहित सैकड़ों प्रदर्शनकारी मौजूद थे।







