सम्पादक रुद्रप्रयागः लक्ष्मण सिंह नेगी
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
मोक्षधाम बदरीनाथ से लौटी भगवती
चामुण्डा की दिवारा यात्रा।
जाल मल्ला पहुंचने पर ग्रामीणों ने किया भव्य स्वागत।
भण्डार गृह में विराजमान हुई डोली।
तृतीय चरण की दिवारा यात्रा का हुआ समापन।
ऊखीमठः भगवती चामुण्डा की तृतीय चरण की दिवारा यात्रा मोक्षधाम बदरीनाथ के दर्शन कर वापस जाल मल्ला पहुंची। दिवारा यात्रा के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मां चामुण्डा की डोली का भव्य स्वागत किया। इसके बाद धार्मिक अनुष्ठानों एवं विधि-विधान के साथ भगवती चामुण्डा की डोली को भण्डार गृह में विराजमान किया गया। डोली के भण्डार गृह में विराजमान होते ही तृतीय चरण की दिवारा यात्रा का विधिवत समापन हो गया।
भगवती चामुण्डा की दिवारा यात्रा के दौरान विभिन्न गांवों में श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की। यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर ग्रामीणों ने आराध्य देवी का स्वागत कर अपनी अटूट आस्था व्यक्त की। बदरीनाथ धाम की यात्रा पूर्ण कर मां चामुण्डा की डोली के जाल मल्ला पहुंचने से क्षेत्र में धार्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा। डोली के भण्डार गृह में विराजमान होने के साथ ही यात्रा के इस चरण से जुड़े धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हो गए।
दिवारा यात्रा के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर दिवारा समिति ने यात्रा में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले समस्त श्रद्धालुओं, ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न पड़ावों पर स्वागत करने वाले भक्तों का आभार व्यक्त किया। समिति ने कहा कि मां भगवती चामुण्डा की दिवारा यात्रा को सफल बनाने में जनमानस का महत्वपूर्ण योगदान रहा। श्रद्धालुओं की सहभागिता, सहयोग और मां के प्रति अटूट श्रद्धा से यात्रा धार्मिक आस्था एवं सामाजिक एकजुटता का प्रतीक बनी। समिति ने सभी सहयोगियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार सहयोग और सहभागिता बनाए रखने की अपील की।







