जीवन के हर पल का आनंद लिया जा सकता है

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सुश्री सरोज कंसारी                                             लेखिका एवं कवयित्री                                          नवापारा राजिम,                                                  रायपुर (छ. ग)

 

                    (नया अध्याय, उत्तराखण्ड                                              (w) 6395080071

 

लेख:

जीवन के हर पल का आनंद लिया जा सकता है

         : सुश्री सरोज कंसारी 

 

              ”हर पल में आनंद है –

            आत्मिक शांति की ओर!”

 ———————————

 

                 हर इंसान के खुश रहने का एक अलग ही तरीका होता है, हर इंसान की खुशियाँ उनकी सोच पर निर्भर हैं। कोई भौतिक चीज़ों से खुश है, तो किसी को आत्मिक खुशी की चाह है। जो बातें दिल की गहराई में ठहर जाएँ, आत्मा को आनंदित करें, वही असली सुख है। इस लोक से परे एक अलौकिक आनंद जो आत्म-विकास का आधार है, ऐसी खुशी जीवन के हर पल में जरूरी है। मोह में दुख है, पर आत्मिक आनंद एक ठहराव है जहाँ हम आत्मा की गहराई से महसूस करते हैं। मन की शांति से बड़ी कोई उपलब्धि नहीं।

 

           आनंदित जीवन के लिए हमें छोटी-छोटी बातों में खुश रहने की आदत रखनी चाहिए। हर मनुष्य की अपनी ख्वाहिश होती है, हम असीम इच्छाओं को पालकर जीने में व्यस्त हो जाते हैं। जीते-जी जीवन की समस्याएँ कभी खत्म नहीं होंगी। हमें ढूँढना है, खुश रहने की वजह। जो इस मोह-माया से परे जीवन जीने के लिए प्रयासरत होते हैं, वही आत्मिक उत्थान कर पाते हैं। व्याकुल अवस्था से शांत जीवन जीने के लिए हमें संयम और सहनशीलता की जरूरत होती है।

 

               अति में संग्रह करने की आदत और मन में हर बात को रखने की आदत नहीं छोड़ेंगे तब तक हम परेशान ही रहेंगे। आत्मिक सुख को पाने के लिए हमें खाली होना जरूरी है, मन को पूरी तरह खाली रखना भूत-भविष्य की चिंताओं से। रिश्ते-नाते, सगे-संबंधी ये हमारी ही बनाई दुनिया हैं, इसे बनाए रखना या उजाड़ देना हम पर ही निर्भर है। खुद को किसी चीज़ का आदी मत बनाइए, बस स्वतंत्र रहिए।

 

        हमारी स्वार्थपूर्ण इच्छाएँ ही हमें दुखी करती हैं। आत्मिक खुशी से हम सिर्फ इस पल में जीते हैं। जन्म-मरण के बंधन से मुक्त एक आनंदित जीवन की शुरुआत होती है। आज की इस भौतिक दुनिया में आत्मिक खुशी सबसे महत्वपूर्ण है। जीवन को सुंदर बनाए रखने के लिए अत्यंत सोचने से बचना होगा। शांत रहकर ही हम हर समस्या का समाधान कर सकेंगे।

 

 

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