वेंकटेश साहित्य समिति द्वारा नारी अबला नहीं सबला है।

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ब्यूरो रायपुरः  (नया अध्याय)

 

 

 

   वेंकटेश साहित्य समिति द्वारा नारी अबला नहीं सबला है। 

                 -सम्मान समारोह।

 

    राजधानी रायपुर के वृंदावन हॉल में संस्थापक वेंकटेश साहित्य समिति एवं सहयोगी जनो द्वारा नारी अबला नहीं सबला है और आदरणीय पोषण साहू जी की पुस्तक बोलते शब्द का विमोचन के अवसर पर भव्य काव्य गोष्ठी एवं नारी सम्मान समारोह कुशल संपन्न हुआ प्रारंभ सुनीता वैष्णव जी द्वारा सरस्वती वंदना से हुआ मुख्य अतिथि रही छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग श्रीमती सरला कोसरिया जी एवं डॉ. बीना सिंह रागी जी अतिथि के रूप में सुषमा बग्गा जी शूभा शुक्ला जी शिप्रा घोष जी अजीत कुजूर जी ललित सेठिया जी बृजेश मलिक जी मंच पर आसीन रहे आमंत्रित श्रोता दर्शक से भरे हाल में विभिन्न जगहों से आए हुए साहित्यकारों द्वारा अपने-अपने प्रतिनिधि रचनाओं का पाठ किया गया विशेष आकर्षण डॉ. बीना सिंह रागी की इन पंक्तियों पर तालिया के गड़गड़ाहट से हॉल गूंज उठा।

 

आओ हम अनुबंध करें नारी के सम्मान से

इस मिट्टी का रज भी गए गीत नारी के गुणगान की

नारी है सक्षम नहीं किसी से कम

बतला सकते हो तो बतलाना 9 मास का हिसाब क्या होता है उतने घंटे उतने मिनट उतने सेकंड का जवाब क्या होता है

नर बोलो तुम्हारी नजरों में नारी की क्या परिभाषा है

 

           लेखक पोषण साहू जी ने पुस्तक बोलते शब्द पर अपने विचार व्यक्त किये तत्पश्चात नारी सम्मान के श्रृंखला में सुनीता वैष्णव कविता चावला आशा शर्मा सैयद सलमा मेघा चौहान ललित नाग मनीषा सिंह निवेदिता मिश्रा नेहा त्रिवेदी अजंता चौधरी नंदिनी डाग अनीता दुबे अनामिका छत्री मोनिका जी को प्रशस्ति पत्र अंग वस्त्र एवं महारानी लक्ष्मीबाई मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का संचालन आदरणीय संजय शर्मा जी द्वारा बेहतरीन रहा।

       अध्यक्ष श्री मुकेश गुप्ता जी द्वारा नारी पर विशेष उद्बोधन एवं आभार प्रदर्शन के पश्चात कार्यक्रम का समर्पण किया गया।

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