संवाददाता छत्तीसगढ़ः सरोज कंसारी
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स्वाती नक्षत्र के संयोग से सजी दीपावली 8 नवम्बर को
-पण्डित ब्रह्मदत्त शास्त्री।
नवापारा राजिम महालक्ष्मी पूजा का पावन पर्व दीपावली अगले रविवार 8 नवम्बर को है ज्योतिष भूषण पण्डित ब्रह्मदत्त शास्त्री ने बताया कि सभी 12महीनों में कार्तिक मास को परम पुण्यप्रद माना जाता है, क्योंकि इस महीने में उत्सवों की एक श्रृंखला ही शुरू हो जाती है, पिछले गुरुवार को सुहागिन स्त्रियों का अखण्ड सुहाग के लिए किया जाने वाला करवाचौथ का व्रत सम्पन्न हुआ है, आज रविवार 1नवम्बर को हमारे छत्तीसगढ़ राज्य की 25वीं वर्षगांठ है और रवि पुष्य नक्षत्र का सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, आज व्यापारी भाई अपने प्रतिष्ठान के लिए खाता बही आदि खरीदेंगे दुकान के लिए खरीदारी करने और गृहस्थ लोग भी अपने परिवार के लिए गहने, कपड़े, बर्तन, वाहन, भूमि भवन खरीदने केलिए कार्तिक के इस रवि पुष्य नक्षत्र को सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त मानते हैं,अगले गुरुवार को रमा एकादशी और गोवत्स द्वादशी का सुन्दर सुयोग बन रहा है, 6नवम्बर शुक्रवार को धनतेरस है, गृहस्थ इस दिन पीतल के बर्तन और सोने चांदी के आभूषण खरीदने को बड़ा शुभ और मंगलकारी मानते है, इसके अलावा जमीन जायदाद, गाड़ी आदि की खरीदारी और नए अनुबंधों के लिए भी धनतेरस को शुभ फलदायी माना जाता है, आयुर्वेद के प्रवर्तक भगवान धनवंतरी का प्राकट्य दिवस 7नवम्बर शनिवार को शास्त्र सम्मत है, विगत 48वर्षों से नगर के लब्धप्रतिष्ठित वैद्य भंवरलाल जैन औषधालय के संचालक डॉक्टर राजेन्द्र गदिया इस पर्व को एक सार्वजनिक उत्सव के रूप में नगरवासियों के साथ मनाते आ रहे हैं, शनिवार को ही काली चौदस और हनुमान जन्मोत्सव है, हनुमद जन्मोत्सव साल में दो बार मनाया जाता है, एक तो कार्तिक के महीने में और दूसरा चैत्र सुदी पूर्णिमा को, रविवार को सर्व श्रेयस्कर स्वाति नक्षत्र पड़ रहा है, शास्त्री जी ने बताया कि इस नक्षत्र को महालक्ष्मी पूजन के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है, हमारे प्रान्त छत्तीसगढ़ और हमारे भारत देश की सुख समृद्धि के लिए यह एक शुभ संकेत है, प्रदोष काल में रविवार 8नवम्बर को पूरे देश में यह पर्व हर्ष उल्लास के माहौल में धूमधाम से मनाया जाएगा, कार्तिक कृष अमावस्या को यह पर्व मनाया जाता है, सोमवार को भी अमावस्या है, यह सोमवती अमावस्या स्नान दान की अमावस्या है और श्री महावीर स्वामी का निर्वाण दिवस भी है, जैन मतावलंबी इसे बड़ी श्रद्धा से मनाते हैं, लोग भ्रम में न रहे महालक्ष्मी पूजन रविवार को ही है, मंगलवार 10नवम्बर को गोवर्धन पूजा अन्नकूट महोत्सव है और यमद्वितीया भाई दूज 11नवम्बर बुधवार को है, ब्रह्मदत्त शास्त्री ने कहा कि धनतेरस से भाई दूज तक मनाए जाने वाले ये पांच प्रमुख पर्व वस्तुतः भगवान श्री लक्ष्मीनारायण का पंचामृत है, हम लक्ष्मी को माता के रूप में पूजते हैं और चहते हैं कि वे गरुण पर भगवान विष्णु जी के साथ हमारे यहां निवास करने के लिए पधारें, लक्ष्मीनारायण के साथ आई हुई लक्ष्मी ही सर्व सुखकारी मंगलदायनी होती है।






