राजकुमार कुम्भज जवाहरमार्ग, इन्दौर
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड) (w)6395080071
माफियाओं और उनके आकाओं पर कार्यवाही हो-रघुठाकुर
देवास के पुलिस अधिकारी राकेश पुरी ने जब शराब के ट्रक को रोकने का प्रयास किया तो ट्रक चालक ने उन्हें कुचल दिया और श्री पुरी की मौत हो गई। इससे पहले भी मध्य प्रदेश के अन्य स्थानो पर कभी रेत माफियाओं शराब माफियाओं ने ट्रैक्टर ट्रक जेसीबी प्रशासनिक अधिकारियों पर चढ़ाने के प्रयास किए हैं परंतु उनके विरुद्ध सरकार की तरफ से जो समर्थ कार्रवाई होना चाहिए थी वह नहीं हुई।
क्या मध्यप्रदेश के गृहमंत्री जी बताएंगे कि पिछले 8 वर्षों में प्रदेश में खनन माफियाओं या शराब माफियाओं के द्वारा की गई हिंसात्मक घटनाओं और अधिकारियों के हमले के विरुद्ध कितने माफियाओं को जेल की सजा हुई? या उनकी संपत्ति जप्त हुई? इन माफियाओं के गिरोह और सरगनाओं उनके काम के बारे में क्या प्रदेश सरकार ने कोई शोध रपट तैयार कराई है ? क्या उसका प्रकाशन हुआ है? क्या उस पर कोई कार्रवाई हुई है? आम जनता तो छोड़ो पुलिस अधिकारियों के उपर हमले करने और करा ने वालों के खिलाफ क्या कोई प्रतिबंधात्मक कार्रवाई हुई है। जिन मुख्यमंत्रीयों और विधायक के क्षेत्र में ये माफिया पिछले तीन-चार दशक से लगातार निर्भय होकर पोषित पल्लवित हो रहे हैं उनके राजनीतिक संरक्षण और सभी आकाओं के बारे में क्या कोई जानकारी सरकार ने प्राप्त की है और की है तो उसे मीडिया के माध्यम से जारी क्यों नहीं किया गया तथा उसे विधानसभा में क्यों नहीं प्रस्तुत किया गया.? श्री पुरी की हत्या के बाद उनकी पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति देना एक मानवीय संवेदना का कदम है। और परिवार के आर्थिक सुरक्षा के लिए एक कदम हो सकता है परंतु इससे माफियाओं का क्या बिगड़ने वाला है।
यह एक प्रकार से जनमत के आक्रोश को भ्रमित करना है इससे माफियाओं पर कोई रोक लगने वाली नहीं है।
जो प्रदेश की जनता असुरक्षित है उस आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा ? ऐसा लगता है कि प्रदेश सरकार केवल अपनी सुरक्षा के लिये चिंतित हे।
माफिया को खत्म करने के लिए नहीं।
प्रदेश सरकार से मेरी अपील है कि
1– मध्य प्रदेश के समस्त खनन माफिया भू माफिया रेत माफिया शराब माफिया के नाम सार्वजनिक किए जाएं तथा उनकी संपत्तियों को राजसात किया जाए।
2- दो इन ग्रुप के सरगनाओ पर प्रतिबंध धाराओं में कार्रवाई हो। उन्हें प्रदेश से निष्कासित किया जाए और उनके मतदान के अधिकार को समाप्त किया जाए।
3- जिन राजनीतिक नेताओं ने इन्हें संरक्षण दिया है उनके खिलाफ भी आपराधिक कार्रवाई हो। उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगाई लगाई जाए और विधानसभा में तत्संबंधित कानून पारित हो।
रघु ठाकुर
संरक्षक लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी





