कोई भी काम असंभव नहीं

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बीएल भूरा                                                            चन्द्र शेखर आजाद नगर                                        भाबरा, मध्य प्रदेश 

                                              

                       (नया अध्याय, उत्तराखण्ड                                             (w) 6395080071

 

कोई भी काम असंभव नहीं

 

कोई भी काम असंभव नहीं, यह केवल व्यक्ति के संकल्प, धैर्य और परिश्रम पर निर्भर करता है। सफलता निश्चित ही है, बस उसे पाने के लिए रास्ते की कठिनाइयों से घबराना नहीं चाहिए। जीवन में कठिनाईयाँ आना स्वाभाविक है, वे न केवल व्यक्ति की सहनशीलता की परीक्षा लेती हैं, बल्कि उसके भीतर छिपे आत्मबल को भी उजागर करती हैं, जो सामान्यतः दृष्टिगोचर नहीं होता। जब व्यक्ति मुसीबतों से भागने के बजाय उनका सामना करता है, तभी उसे अपनी असली शक्ति का पता चलता है। चरित्र की परीक्षा ही व्यक्ति को निखारती है, जैसे आग में तपकर सोना और अधिक चमकदार हो जाता है, वैसे ही संघर्षों से गुजरकर मनुष्य का व्यक्तित्व और अधिक मजबूत, गंभीर और परिपक्व बन जाता है। कहा भी गया है कि “आचरण व्यक्तित्व का प्रतिबिंब होता है।” मनुष्य जैसा सोचता है, वैसा ही उसका आचरण होता है और वही आचरण समाज में उसकी पहचान बनाता है। इसलिए सफलता के लिए केवल बुद्धि ही नहीं, बल्कि अच्छा चरित्र, सच्ची निष्ठा, अनुशासन और विनम्रता भी आवश्यक है। जो व्यक्ति अपने आचरण को शुद्ध रखता है, कठिन समय में भी धैर्य नहीं खोता और निरंतर प्रयास करता रहता है, वह एक दिन अवश्य सफल होता है। असफलता तो केवल एक पड़ाव है, मंजिल नहीं। अतः हमें अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहना चाहिए, क्योंकि कठिनाईयाँ हमें रोकने के लिए नहीं, बल्कि हमें और अधिक सक्षम बनाने के लिए आती हैं।

 

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