जहां घायल और बीमार गौ धन की होती है सेवा।

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रामजी लाल सोनी।

 

                   नागौर का गौ चिकित्सालय

     जहां घायल और बीमार गौ धन की होती है सेवा।

      नागौर-जोधपुरः मार्ग पर नागौर शहर से मात्र छः किलोमीटर दूर बीमार और घायल गौ धन की सेवा के लिए एक ऐसा विश्वस्तरीय चिकित्सालय स्थापित है जिसमें प्रतिदिन चिकित्सक और परिचारक तन मन से चिकित्सा सेवा कर गायों को नया जीवन देते हैं। यह चिकित्सालय मानव चिकित्सालय से भी अनोखा और अद्भुत है जिसे विश्वस्तरीय चिकित्सालय माना जाता है। इस चिकित्सालय में गौ सेवा की अद्भुत सेवा भावना को देखने के लिए रोजाना सैकड़ों दर्शनार्थी आते हैं।

यह चिकित्सालय लगभग 18 एकड़ में फैला हुआ है जिसमें कई शेड लगे हैं,जहां उपचार के उपरांत गायों को रखा जाता है,बछड़े बछड़ियों के अलग अलग शेड है। गायों को पौष्टिक भोजन और लपसी बनाकर खिलाने के लिए यहां कई भट्ठियां बनी हुई हैं।

विश्वस्तरीय इस चिकित्सालय की स्थापना महामंडलेश्वर श्री कुशाल गिरी जी ने की है। वे स्वयं गौ सेवा के साधक हैं जिन्होंने अपना जीवन गायों की सेवा में समर्पित किया और इस चिकित्सालय की स्थापना की।

गायों को नया जीवन देने और उन्हें स्वस्थ रखने के लिए समर्पित इस चिकित्सालय में 15 एंबुलेंस,घायल पशुओं को लाने के लिए निःशुल्क सेवा दे रही है। एक फोन पर ही परिचारक दौड़ पड़ते हैं घायल को लाने के लिए और यहां आने के बाद जुट जाते हैं चिकित्सक। वे न तो समय देखते हैं और ना ही कोई परेशानी सामने रखते हैं बस गायों का जीवन बचाने और कष्ट दूर करने पर ध्यान देते हैं।

इस गौ चिकित्सालय में जटिल से जटिल ऑपरेशन भी किए जाते हैं और कोई शुल्क नहीं लिया जाता। बस गाय का जीवन बच जाय इस बात का विशेष ध्यान रखा जाता है। गाय के पूर्ण स्वस्थ होने के उपरांत गौ वंश उसके मालिक को समर्पित कर दिया जाता है। यदि कोई पशु बिना किसी मालिक का है तो उसे यहीं रख कर सेवा की जाती है। यहां किसी प्रकार के दूध-दही, छाछ या घी की बिक्री नहीं होती है। चारा भी यहां पर बाजार भाव से सस्ता उपलब्ध है जो श्रद्धालु गायों को खिलाते है।

इस स्थान पर आने वाले भक्तों को भी पूरी सुविधा और सेवा मिलती है। जिनमें हर समय इलायची युक्त स्वादिष्ट चाय, ठंडा मीठा पीने के लिए पानी। कोई यदि यहां से पानी भर कर ले जाना चाहे तो वह भी निःशुल्क ले जा सकता है, पूरे दिन ठंडी छाछ भी निःशुल्क पीने को मिलती है। रात्रि विश्राम के लिए यहां कमरे भी संपूर्ण सुविधा के साथ उपलब्ध हैं। जिनका किराया वैसे तो 150 रुपए है पर इस राशि में भोजन, नाश्ता, दो चाय, छाछ और साबुन दिया जाता हैं। जिसका मूल्य यदि लगाए तो मात्र एक रुपए किराया लिया जाता है। दान दाता परिवारों के लिए यहां सर्वसुविधायुक्त कमरा निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। इस चिकित्सालय में आने वाले संतो व साध्वियों के लिए भी यहां कमरे निःशुल्क उपलब्ध है। यहां श्रद्धालुओं को नाश्ते में गर्म पोहा और खाने में आठ आइटम दिए जाते हैं। रामदेव मेले के दौरान आने वाले हजारों यात्रियों को पूरी सुविधा निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है।

इस विश्वस्तरीय गौ चिकित्सालय की सेवा भावना को देखने के लिए राजस्थान के अलावा दूर दूर से अन्य प्रदेशों के लोग आते हैं और यहां की सेवा व्यवस्था को देख गदगद हुए बिना नहीं रहते हैं। इस स्थान की महिमा पूरे देश ही नहीं अपितु विश्व भर में फैली हुई है। जोधपुर नागौर आने वाला हर विदेशी पर्यटक इस स्थान को देखने आता है और व्यवस्था को देख कर प्रशंसा भी करता है। यह स्थान वास्तव में पर्यटन केंद्र बनाने लायक है, प्रदेश की सरकार को इस स्थान को पर्यटक केंद्र बनाए जाने की पहल करनी चाहिए, जिससे इस स्थान के महत्व को और ज्यादा समझा जा सके।  (विनायक फीचर्स)

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