ऊखीमठः मदमहेश्वर घाटी के अन्तर्गत जी आई सी रासी में अधिकांश प्रवक्ताओं के पद रिक्त चलने से नौनिहालों का पठन – पाठन खासा प्रभावित हो रहा है।

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ब्यूरो रुद्रप्रयागः लक्ष्मण सिंह नेगी

ऊखीमठः मदमहेश्वर घाटी के अन्तर्गत जी आई सी रासी में अधिकांश प्रवक्ताओं के पद रिक्त चलने से नौनिहालों का पठन – पाठन खासा प्रभावित हो रहा है।

भले ही प्रदेश के शिक्षा महकमे द्वारा विद्यालयों में अध्ययनरत नौनिहालों के स्वर्णिम भविष्य के लिए अनेक योजनायें संचालित की जा रही हो मगर जी आई सी रासी में अध्ययनरत नौनिहालों का पठन – पाठन मात्र एक अतिथि प्रवक्ता के भरोसे संचालित होने से स्पष्ट हो गया है कि शिक्षा विभाग सीमान्त क्षेत्रों के विद्यालयों में अध्ययनरत नौनिहालों के भविष्य के प्रति गम्भीर नही है! अभिभावकों व ग्रामीणों द्वारा लम्बे समय से विद्यालय में रिक्त प्रवक्ताओं के पदों की भरपाई की मांग की जा रही है मगर आज तक महत्वपूर्ण विषयों के प्रवक्ताओं की तैनाती नहीं हो पायी है। विगत दिनों राज्यमंत्री चण्डी प्रसाद भटट् के मदमहेश्वर घाटी भ्रमण के दौरान अभिभावकों व ग्रामीणों ने रिक्त प्रवक्ताओं के पदों पर भरपाई की मांग की थी तथा राज्यमंत्री के द्वारा 15 दिन में रिक्त पदों पर प्रवक्ताओं की तैनाती का आश्वासन तो दिया गया मगर विद्यालय में रिक्त प्रवक्ताओं के पदों पर तैनाती का आश्वासन कब पूरा होगा यह भविष्य के गर्भ में है। बता दे कि 125 नौनिहालों वाले जी आई सी रासी को वर्ष 1991 में जूनियर, वर्ष 2006 में हाई स्कूल तथा 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत के प्रयासों से इन्टर का दर्जा मिला था! जी आई सी रासी में वर्ष 31 मार्च 2021 से प्रधानाचार्य का पद रिक्त चल रहा है जबकि विद्यालय में स्वीकृत प्रवक्ताओं के पांच पदों के सापेक्ष में मात्र भौतिक विज्ञान के अथिति प्रवक्ता कार्यरत है तथा जीव विज्ञान, हिन्दी, अंग्रेजी, रसायन विज्ञान प्रवक्ताओं के महत्वपूर्ण पद रिक्त चल रहें हैं। पी टी ए अध्यक्ष रेखा देवी ने बताया कि विद्यालय में रिक्त प्रवक्ताओं की तैनाती के लिए बार – बार सरकार, शिक्षा से गुहार लगाई गयी है मगर आज तक रिक्त प्रवक्ताओं के पदों पर भरपाई न होने से स्पष्ट हो गया है कि प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग सीमान्त क्षेत्रों के नौनिहालों के भविष्य के प्रति गम्भीर नही है। विद्यालय प्रबन्धन समिति अध्यक्ष महिपाल सिंह नेगी का कहना है कि यदि 15 दिनों के अन्तर्गत रिक्त प्रवक्ताओं के पदों पर तैनाती नहीं की जाती है तो ग्रामीणों व अभिभावकों को प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग के प्रति आन्दोलन के लिए बाध्य होना पडेगा जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन – प्रशासन की होगी। वही दूसरी ओर मुख्य शिक्षा अधिकारी पदमेन्द्र कुमार बिष्ट का कहना है कि 10 से 12 दिनों में विद्यालय में रिक्त प्रवक्ताओं के सभी पदों पर अतिथि प्रवक्ताओं की नियुक्ति की जायेगी तथा सीमान्त क्षेत्रों के सभी विद्यालयों में रिक्त पदों पर तैनाती करने तथा नौनिहालों को बेहतर शिक्षा देने के लिए शिक्षा विभाग निरन्तर प्रयासरत है।

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