कवि कुश कुमार साहू
भाटापारा, बलौदाबाजार
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
कवि अशोक का जन्मदिन
कृपा हुई जो कन्हैया का, आया शुभ लगन वार।
जुड़ावन-शांति के आँगन, जन्म लिए अशोक कुमार।।
तीन जून ज्येष्ठ माह का, पावन बेला बना यादगार।
नवीन चमारी गाँव जहाँ, छा गए है खुशियाँ अपार।।
बालक बड़ा तेजस्वी और साथ ही था रूपवान।
संस्कारों से भरा हृदय, शांत स्वभाव और गुणवान।।
बचपन से था बड़ा मेहनती, पढ़ना जिनका काम था।
हर कक्षा मे सबसे ऊपर, रिजल्ट में जिनका नाम था।।
सुख में बीते सारा जीवन, हो सुखमय सारा घर परिवार।
दिन दुगुनी, रात चौगुनी, धन-संपदा का हो नित विस्तार।।
बड़ पावन तिथि है जिस दिन, हुआ आपका है अवतार।
अवतरण दिन की शुभकामनाएँ, यादव जी करो स्वीकार।।







