सुश्री सरोज कंसारी
कवयित्री, लेखिका, शिक्षिका
रिपोर्टर, उद्घोषिका, नवापारा-राजिम,
रायपुर (छत्तीसगढ़
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
कविता: देशहित में रत मोदी
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धन्य है भारत हमारी माता,
प्रधानमंत्री के रूप में मिले नरेंद्र मोदी।
हर जुबां जिसका नाम है जपती,
देख देशहित कार्यों से सब का सम्मान दिलाती।
नेतृत्व क्षमता से ओत-प्रोत,
निष्पक्ष, कर्मठ, लगनशील और साधक।
समभाव, सद्कार्यों के हैं धनी,
देशभक्ति से ओतप्रोत और सादगीप्रिय।
सबके साथ सबका विकास रीत बनाई,
सुरक्षा चक्र से सीमाओं की ताकत बढ़ाई।
मानवता को समझाने वाले और साहसी,
धारा ३७० हटाकर कश्मीर की रौनक लौटाई।
प्रयास उनका हर पल रंग है लाया,
भ्रष्टाचार पर जिसने कड़ा प्रहार लगाया।
उज्ज्वला योजना वरदान साबित हुई,
स्वच्छता की मिसाल वो खुद ही बने हुए हैं।
कौशल विकास से स्वरोजगार दिलाई,
आवास बना खुशियों की सौगातें दी।
जन-जन की आवाज़ यही है कि
मोदी कोई नेता नहीं, साधक और
देशहित में रत हैं।







