विश्वविद्यालय में किताबें उपलब्ध कराने के लिए रोस्टर जारी।

Spread the love

ब्यूरो कुमाऊंः दयानन्द कठैत अल्मोड़ा ।

विश्वविद्यालय में किताबें उपलब्ध कराने के लिए रोस्टर जारी।

       विद्यार्थी जल्द ही अपने विषयों की कर सकेंगे पढाई।

अल्मोड़ाः सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय परिसर अल्मोड़ा के विद्यार्थियों को अब न‌ई किताबों के लिए अधिक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।न‌ए शिक्षा सत्र में किताबें उपलब्ध कराने के लिए पुस्तकालय प्रबंधन ने रोस्टर तैयार कर लिया है। विद्यार्थी जल्द ही न‌ई किताबों से अपने विषयों की पढ़ाई कर सकेंगे।

एस‌एसजे विश्वविद्यालय परिसर में बीए और बीएससी तीसरे और पांचवें सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है।न‌ए शिक्षा सत्र में न‌ई किताबें पाने का उनका इंतजार खत्म हो गया है। पुस्तकालय प्रबंधन के मुताबिक बीएसपी तीसरे सेमेस्टर के विद्यार्थी मंगलवार और पांचवे सेमेस्टर के विद्यार्थी बुधवार को किताबें लेंगे। वहीं शुक्रवार को बीए तीसरे सेमेस्टर और शनिवार को पांचवे सेमेस्टर के विद्यार्थियों को पुस्तकालय से किताबें मिलेंगी। अगर किसी विद्यार्थी ने पहले सेमेस्टर की किताबें पुस्तकालय में जमा नहीं की हैं तो उसे किताबें नहीं मिलेंगी। इसके लिए विद्यार्थियों को पूर्व में ली गई पुस्तकें, पुस्तकालय में जमा करनी होंगी।

पहले सेमेस्टर के विद्यार्थियों को पंजीकरण संख्या उपलब्ध होने के बाद ही पुस्तकें मिल सकेंगी। पुस्तकालय कार्ड बनने के लिए विद्यार्थियों को फीस रसीद, प्रवेश पत्र, परिचय पत्र के साथ स्वयं पुस्तकालय में उपस्थित होना होगा।

एस‌एसजे विश्वविद्यालय परिसर के सहायक पुस्तकालय अधीक्षक डॉ राकेश पंत ने बताया कि इस सत्र में रोस्टर के मुताबिक विद्यार्थियों को किताबें बांटी जाएंगी प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों को पंजीकरण संख्या उपलब्ध कराने पर किताबें दी जाएंगी।

  • Related Posts

    जब हमारे कुछ कथित एनालिस्ट कहते हैं कि अमरीका में तो तेल के दाम 77% तक बढ़ गए, या खाने की चीजें दोगुनी-तिगुनी महंगी हो गयी… तो फर्स्ट वर्ल्ड के 14s अपना कोलोनियल ज्ञान लेकर आ जाते हैं कि उधर की पर कैपिटा देखो, और अपनी।

    Spread the love

    Spread the love  सौजन्यः अवधेश प्रताप सिंह                                               …

    कोई भी काम असंभव नहीं

    Spread the love

    Spread the love  बीएल भूरा                                                   …

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    जब हमारे कुछ कथित एनालिस्ट कहते हैं कि अमरीका में तो तेल के दाम 77% तक बढ़ गए, या खाने की चीजें दोगुनी-तिगुनी महंगी हो गयी… तो फर्स्ट वर्ल्ड के 14s अपना कोलोनियल ज्ञान लेकर आ जाते हैं कि उधर की पर कैपिटा देखो, और अपनी।

    • By User
    • November 5, 2026
    • 9 views
    जब हमारे कुछ कथित एनालिस्ट कहते हैं कि अमरीका में तो तेल के दाम 77% तक बढ़ गए, या खाने की चीजें दोगुनी-तिगुनी महंगी हो गयी… तो फर्स्ट वर्ल्ड के 14s अपना कोलोनियल ज्ञान लेकर आ जाते हैं कि उधर की पर कैपिटा देखो, और अपनी।

    कोई भी काम असंभव नहीं

    • By User
    • November 5, 2026
    • 9 views
    कोई भी काम असंभव नहीं

    विधिक साक्षरता/जागरूकता का आयोजन किया गया…..

    • By User
    • November 5, 2026
    • 6 views
    विधिक साक्षरता/जागरूकता का आयोजन किया गया…..

    म्हारी बोली म्हारी माटी म्हारो गांव –

    • By User
    • November 5, 2026
    • 11 views
    म्हारी बोली म्हारी माटी म्हारो गांव –

    आत्मकथ्य; उर्फ मैं एक अकिंचन कवि लिखूँगा ही क्या?

    • By User
    • November 5, 2026
    • 14 views
    आत्मकथ्य; उर्फ मैं एक अकिंचन कवि लिखूँगा ही क्या?

    कोई एहसान नहीं, फर्ज का तकाजा है, हैं आदमी तो, आदमी के काम आऐंगे।

    • By User
    • November 5, 2026
    • 10 views
    कोई एहसान नहीं, फर्ज का तकाजा है,  हैं आदमी तो, आदमी के काम आऐंगे।