संवाददाता कन्नौज (उ. प्र.): दीप सिंह
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
जयंती पर याद किए गए ललई सिंह यादव, शिक्षा और सामाजिक एकता को बताया बदलाव का आधार।
विशुनगढ़: किला नगरिया स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क में महान समाज सुधारक ललई सिंह यादव की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में उनके सामाजिक संघर्ष और विचारों को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि समाज में बराबरी, शिक्षा और जागरूकता के लिए उनके प्रयास आज भी प्रासंगिक हैं। कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न वर्गों के लोगों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम में ललई सिंह यादव के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। वक्ताओं ने उनके जीवन और सामाजिक सरोकारों पर चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने वंचित और शोषित वर्गों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ ही सामाजिक असमानता के खिलाफ आवाज उठाई। उनका मानना था कि शिक्षा और वैचारिक जागरूकता के माध्यम से समाज में स्थायी बदलाव लाया जा सकता है।
महापुरुषों के विचारों को व्यवहार में उतारने पर जोर
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि किसी महापुरुष की जयंती मनाने का उद्देश्य केवल उनके व्यक्तित्व को याद करना नहीं, बल्कि उनके विचारों को वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों से जोड़ना भी है। युवाओं से शिक्षा के प्रति गंभीर होने और समाज में आपसी सहयोग व भाईचारे को मजबूत करने का आह्वान किया गया।
वक्ताओं ने सामाजिक एकजुटता को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि विभिन्न वर्गों के बीच संवाद और सहयोग से ही समाज को अधिक समतामूलक बनाया जा सकता है। इस दौरान ललई सिंह यादव के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और शिक्षा के क्षेत्र में सामूहिक प्रयास करने की बात कही गई।
कार्यक्रम कमेटी के सहयोग से आयोजित किया गया। इस अवसर पर गंगा एजुकेशन के संस्थापक देवेंद्र सिंह यादव, दालगंजन सिंह यादव, नेमकुमार आजाद, लोकेश शाक्य, शिवकुमार कमल, प्रभात गौतम, अनुज, प्रधान प्रतिनिधि अखिलेश राजपूत, अमित वाल्मीकि, अमन वाल्मीकि, सुमित यादव, रौनक जाटव, राजू भारती, प्रशांत सिंह सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने उपस्थित लोगों का आभार जताया। साथ ही सामाजिक एकता, शिक्षा और जागरूकता के क्षेत्र में मिलकर काम करने का संकल्प लिया गया।







