मीडिया प्रभारी अल्मोडा़ः दिनेश भट्ट
(नया अध्याय, देहरादून)
माँ नंदा लोक जात यात्रा में सम्मिलित होने कुमाऊँ से शिष्टमंडल रवाना।
चंद वंशज राजा करन चन्द्र राज सिंह ‘के.सी .सिंह बाबा’ एवं युवराज नरेंद्र चन्द्र राज सिंह के निर्देशानुसार हुआ प्रस्थान।
अल्मोड़ा: माँ नंदा देवी की आस्था और कुमाऊँ-गढ़वाल की सांस्कृतिक एकता को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से आज माँ नंदा देवी मंदिर समिति के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल माँ नंदा लोक जात यात्रा में सम्मिलित होने के लिए मंदिर प्रांगण से रवाना हुआ।
चंद वंशज राजा करन चन्द्र राज सिंह उर्फ केसी सिंह बाबा एवं उनके पुत्र युवराज नरेंद्र चन्द्र राज सिंह के निर्देशानुसार यह शिष्टमंडल कुमाऊँ की ओर से माँ नंदा लोक जात यात्रा में सहभागिता करेगा। यह यात्रा गढ़वाल क्षेत्र से प्रारंभ होकर माँ नंदा-सुनंदा की भक्ति, आस्था और परंपरा का संदेश लेकर आगे बढ़ रही है।
माँ नंदा देवी मंदिर समिति के नेतृत्व में रवाना हुआ यह शिष्टमंडल अपने साथ कुमाऊँ की पहचान और प्रतिनिधित्व का ध्वज लेकर आज चेपड़ो मंदिर मे पुजा अर्चना करके यात्रा में सम्मिलित होगा,कुमाऊँ का ध्वज गढ़वाल से आयी हुयी यात्रा मे शामिल होकर 25 सितंबर को समापन के अवसर पर सिद्धपीठ देवराड़ा मे विशेष पुजा के उपरान्त नन्दा देवी राजराजेश्वरी गर्भ ग्रह मे विराजमान हुंगी, शिष्टमंडल का उद्देश्य माँ नंदा की इस पावन यात्रा में कुमाऊँ की ओर से सहभागिता दर्ज कराते हुए कुमाऊँ और गढ़वाल के बीच सदियों से चली आ रही धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक एकता को और मजबूत करना है।
माँ नंदा लोक जात यात्रा उत्तराखंड की समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं का महत्वपूर्ण प्रतीक है। इस यात्रा में कुमाऊँ से प्रतिनिधित्व का सम्मिलित होना दोनों मंडलों की साझा आस्था और माँ नंदा के प्रति अटूट श्रद्धा को दर्शाता है। कुमाऊँ में माँ नंदा की आराधना सदियों से लोक जीवन, संस्कृति और परंपराओं का अभिन्न हिस्सा रही है।
मंदिर समिति के अध्यक्ष मनोज वर्मा ने कहा कि माँ नंदा केवल कुमाऊँ की आराध्य देवी ही नहीं, बल्कि संपूर्ण उत्तराखंड की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पहचान हैं। माँ नंदा लोक जात यात्रा में कुमाऊँ की सहभागिता से दोनों मंडलों की सांस्कृतिक विरासत और आपसी भाईचारे को नई मजबूती मिलेगी।
इस यात्रा मे कुमाऊँ का नेतृत्व मंदिर कमेटी के व्यस्थापक नरेन्द्र वर्मा, देवेन्द्र चौहान, गोपाल रावत, चन्दन रावत, ललित पांडे, रक्षित साह, गणेश साह, पियूष वर्मा, पारस पालनी, मनन साह, हिंमाशु मेर के साथ कुमाऊँ वाद्ययंत्र को लेकर लगभग 25 रण बांकुरे एंव भवाली नन्दा देवी मंदिर से कंचन सुयाल, लोकेश जोशी सहित अन्य लोग सम्मिलित होकर इस यात्रा मे सहभागिता कर रहे हैं।
शिष्टमंडल के प्रस्थान के अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष मनोज वर्मा, सचिव मनोज सनवाल, कोषाध्यक्ष हरीश बिष्ट, व्यस्थापक अनुप साह, मुख्य सांस्कृतिक संयोजक अर्जुन सिंह बिष्ट चीमा, सदस्य राजेश पालनी, मूर्ति संयोजक रवि गोयल, पार्षद संजय जोशी, सह संयोजक हरीश कनवाल, सह संयोजक संजय साह, सह संयोजक रवि कन्नौजिया, हरीश भंडारी, रणजीत भंडारी, पंडित तारा दत्त जोशी, प्रमोद पाठक, शेखर मिश्रा, मुकेश गुरुरानी, विनोद जोशी, दिव्या जोशी, दिक्षित साह, भगवती बिष्ट, माया वर्मा, प्रभा वर्मा, पारस वर्मा, रोहित साह, पूरन रावत, कार्तिक जोशी सहित पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। सभी ने माँ नंदा-सुनंदा से यात्रा के सफल, मंगलमय एवं निर्विघ्न संपन्न होने की कामना की तथा माँ नंदा के जयकारों के साथ शिष्टमंडल को रवाना किया।
माँ नंदा के प्रति श्रद्धा, कुमाऊँ की संस्कृति का ध्वज और गढ़वाल की लोक जात यात्रा—यह सहभागिता उत्तराखंड की एकता, आस्था और सांस्कृतिक विरासत का एक सुंदर संदेश लेकर आगे बढ़ेगी।










