सम्पादक रुद्रप्रयागः लक्ष्मण सिंह नेगी
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
रोहित-शिवानी के सुरों पर देर रात तक झूमा जागतोली।



दशज्यूला महोत्सव के चौथे दिन लोकगीतों ने बांधा समां।
दर्शकों ने जमकर उठाया सांस्कृतिक रंगों का लुत्फ
ऊखीमठः नैणी देवी के आंचल और प्रकृति की सुरम्य वादियों के मध्य स्थित जागतोली के विशाल क्रीड़ा मैदान में चल रहे पांच दिवसीय जागतोली दशज्यूला महोत्सव के चौथे दिन उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोक गायक रोहित चौहान और शिवानी नेगी के गीतों की धूम रही। दोनों कलाकारों की सुरमयी प्रस्तुतियों ने महोत्सव में लोक संस्कृति के रंग भर दिए। लोकप्रिय लोकगीतों की प्रस्तुतियों पर दर्शक देर रात तक झूमते और थिरकते रहे। तालियों की गड़गड़ाहट और दर्शकों के उत्साह से पूरा महोत्सव स्थल गूंजायमान रहा।
महोत्सव के चौथे दिन दीक्षा प्रापर्टी के चेयरमैन कुलदीप रावत ने मुख्य अतिथि, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट ने अति विशिष्ट अतिथि तथा जिला पंचायत सदस्य निर्मला बहुगुणा, अमित मैखण्डी, उक्रांद नेता आशुतोष भण्डारी ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिव शक्ति मंदिर समिति महड़ के अध्यक्ष बचन सिंह नेगी ने की। आयोजक समिति ने अतिथियों का स्वागत किया।
मुख्य अतिथि कुलदीप रावत ने कहा कि जागतोली दशज्यूला महोत्सव क्षेत्र की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक एकजुटता का परिचायक बन रहा है। ऐसे आयोजनों से स्थानीय कलाकारों को मंच मिलने के साथ ही युवा पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की लोक विरासत को संरक्षित करने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
अति विशिष्ट अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान उसकी समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं से है। गांवों में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक महोत्सव लोक कलाओं को जीवंत रखने के साथ नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने जागतोली दशज्यूला महोत्सव को क्षेत्र की सांस्कृतिक चेतना का महत्वपूर्ण मंच बताया।
विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत सदस्य निर्मला बहुगुणा, अमित मैखण्डी, आशुतोष भण्डारी ने कहा कि जागतोली दशज्यूला महोत्सव ने क्षेत्र की सांस्कृतिक गतिविधियों को नई पहचान देने का कार्य किया है। ऐसे आयोजन स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर देने के साथ सामाजिक समरसता को भी मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बचन सिंह नेगी ने कहा कि महोत्सव का उद्देश्य क्षेत्र की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक परंपराओं का संरक्षण और संवर्धन करना है। उन्होंने कहा कि जागतोली दशज्यूला महोत्सव ग्रामीणों की सहभागिता से लोक संस्कृति के संरक्षण का सशक्त माध्यम बन रहा है। महोत्सव अध्यक्ष जयवर्धन काण्डपाल ने आगंतुक अतिथियों का आभार व्यक्त किया जबकि महासचिव कालिका काण्डपाल ने दशज्यूला क्षेत्र की धार्मिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक महत्ता पर विस्तृत प्रकाश डाला। संचालन राजेन्द्र काण्डपाल, वीरेन्द्र बर्त्वाल व नमिता काण्डपाल ने संयुक्त रूप से किया।
महोत्सव में आयोजित चौथी सांस्कृतिक संध्या में जैसे ही रोहित चौहान और शिवानी नेगी ने मंच संभाला, दर्शकों में उत्साह की लहर दौड़ गई। दोनों लोक गायकों ने उत्तराखंड के लोकप्रिय लोकगीतों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गीतों की शुरुआत होते ही युवा दर्शक मैदान में उतर आए और लोकधुनों पर जमकर थिरके। कई प्रस्तुतियों के दौरान दर्शकों ने कलाकारों का तालियों की गड़गड़ाहट से उत्साहवर्धन किया।
महोत्सव स्थल पर देर रात तक उत्सवी माहौल बना रहा। इस मौके पर ज्येष्ठ प्रमुख शान्ति चमोला, अमित प्रदाली, धर्मेन्द्र, सतेन्द्र कण्डारी , सतवीर जग्गी, सुभाष चौहान, धनपाल सिंह नेगी, गोपाल बासकण्डी, दीपक रावण, कमल सिंह चौहान, मदन बासकण्डी, गंगा नेगी सहित महोत्सव समिति पदाधिकारी, सदस्य, जनप्रतिनिधि व हजारों ग्रामीण मौजूद थे।






