मथुरा में प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा का राष्ट्रीय सम्मेलन 26 से, जुटेंगे 175 से अधिक साहित्यकार।

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ब्यूरो मथुराः अनामिका (अन्नु)

 

          (नया अध्याय, उत्तर प्रदेश)

 

मथुरा में प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा का राष्ट्रीय सम्मेलन

       26 से, जुटेंगे 175 से अधिक साहित्यकार।

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     मथुरा:  प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा (संबद्ध: लोक संचेतना फाउंडेशन) के तत्वावधान में मथुरा में दो दिवसीय राष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन का प्रथम सत्र 26 सितंबर से प्रारंभ होगा, जबकि मुख्य राष्ट्रीय आयोजन 27 सितंबर को प्रातः 11:00 बजे शुरू होगा। संस्था के संस्थापक कवि संगम त्रिपाठी ने बताया कि यह सम्मेलन मथुरा में हिंदी साहित्य का अब तक का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक आयोजन सिद्ध होगा।

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प्रमुख अतिथि और दिग्गज साहित्यकार करेंगे शिरकत

   

      कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दिल्ली के सिविल सेवा गुरु डॉ. धर्म प्रकाश वाजपेयी होंगे, जबकि अध्यक्षता देवरिया के वरिष्ठ कवि व साहित्यकार सौदागर सिंह ‘दिलवर’ करेंगे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में मध्य प्रदेश से विनोद कुमार मिश्र (दतिया) एवं अनिल मिश्र (कटनी) उपस्थित रहेंगे। इस समागम में देश के विभिन्न राज्यों से 175 से अधिक कवि, साहित्यकार, पत्रकार, समाजसेवी और हिंदी प्रेमी हिस्सा ले रहे हैं।

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एक दर्जन से अधिक पुस्तकों का होगा विमोचन

 

आयोजन के दौरान साहित्य जगत की कई प्रमुख कृतियों का लोकार्पण किया जाएगा, जिनमें प्रमुख हैं:

​सौदागर सिंह ‘दिलवर’ की कृति ‘दर्द-ए-हयात’ (गजल संग्रह)

​डॉ. राम निवास तिवारी ‘इंडिया’ की पुस्तक ‘नूर-ए-इश्क: मोहब्बत का एहसास’ (गजल संग्रह)

​सोनिया नायडू (भिलाई, छत्तीसगढ़) की कृति ‘प्रीत’

​रामवल्लभ गुप्त ‘इंदौरी’ की पुस्तक ‘महक कस्तूरी’

​इसके साथ ही एक दर्जन से अधिक अन्य साहित्यिक पुस्तकों का विमोचन भी संपन्न होगा।

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हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने की दिशा में अहम कदम

 

         आयोजन को भव्य व दिव्य रूप देने में राष्ट्रीय महासचिव प्रदीप मिश्र ‘अजनबी’ (दिल्ली), राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. लाल सिंह किरार (अम्बाह, मुरैना), राष्ट्रीय सलाहकार डॉ. सोमनाथ शुक्ल (प्रयागराज), राष्ट्रीय संचालिका मेघा अग्रवाल (नागपुर), प्रेरणा स्मारिका की संपादक सीमा शर्मा (मेरठ) और प्रबंध संपादक सिद्धेश्वरी सराफ ‘शीलू’ (जबलपुर) निरंतर जुटे हुए हैं। आयोजकों का मानना है कि यह राष्ट्रीय सम्मेलन, सम्मान समारोह एवं कवि सम्मेलन हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार और इसे राष्ट्रभाषा का दर्जा दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

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