मीडिया प्रभारी अल्मोडा़ः दिनेश भट्ट
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
मानसखण्ड विज्ञान केंद्र, अल्मोड़ा में पाँच दिवसीय
GIS प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन।
अल्मोड़ाः मानसखण्ड विज्ञान केंद्र, अल्मोड़ा एवं सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा द्वारा संयुक्त रूप से 29 सितंबर से 03 अक्टूबर 2026 तक “भौगोलिक सूचना विज्ञान एवं पर्यावरण प्रबंधन में इसके अनुप्रयोग” विषय पर पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन एवं संचालन केंद्र की सह-प्रभारी डॉ. प्रियंका अधिकारी एवं एमेरिटस वैज्ञानिक डॉ. जी.सी.एस. नेगी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. नवीन चन्द्र जोशी (केंद्र प्रभारी एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी) तथा प्रो. दुर्गेश पंत (महानिदेशक, यूकॉस्ट) का निरंतर सहयोग एवं मार्गदर्शन उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट), देहरादून से प्राप्त हुआ।
पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के कोर्स सुपरवाइजर प्रो. जे.एस. रावत, रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को भौगोलिक सूचना विज्ञान (GIS), रिमोट सेंसिंग तथा पर्यावरण प्रबंधन में भू-स्थानिक तकनीकों के अनुप्रयोगों की सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था। प्रशिक्षण के दौरान GIS आधारित डेटा प्रबंधन, स्थानिक विश्लेषण, रिमोट सेंसिंग तथा पर्यावरणीय प्रबंधन में भू-स्थानिक तकनीकों के उपयोग से संबंधित व्याख्यान एवं व्यावहारिक सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम में विभिन्न विषय-विशेषज्ञों ने संसाधन व्यक्ति (Resource Persons) के रूप में प्रशिक्षण प्रदान किया। इनमें डॉ. मनमोहन रावत, वैज्ञानिक अधिकारी, यूकॉस्ट, देहरादून; डॉ. हिमानी बिष्ट एवं सुश्री सरिता पालनी, संकाय सदस्य, रिमोट सेंसिंग एवं GIS विभाग, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा; डॉ. नरेश पंत, संकाय सदस्य, भूगोल विभाग, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा; तथा इंजीनियर वरुण रावत, निदेशक, Geoversed Playground AI Solution, अल्मोड़ा शामिल रहे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में ऑफलाइन एवं ऑनलाइन माध्यम से कुल 29 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने GBPUAT, पंतनगर; GBPNIHE; SSJU, अल्मोड़ा; HNBGU, श्रीनगर; BGSBU, राजौरी, जम्मू-कश्मीर; गुरुकुल कांगड़ी, हरिद्वार; राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोटद्वार; पशुपालन विभाग, उत्तराखंड राज्य सरकार; राजकीय डिग्री कॉलेज, सिलवानी, रायसेन, भोपाल; चिराग फाउंडेशन एवं CHEA, नैनीताल सहित विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों का प्रतिनिधित्व किया।
प्रशिक्षण के अंतिम दिवस प्रतिभागियों के अधिगम के मूल्यांकन हेतु परीक्षा आयोजित की गई। कार्यक्रम का समापन डॉ. नवीन चन्द्र जोशी के ऑनलाइन संबोधन एवं शुभकामनाओं के साथ हुआ। इसके पश्चात प्रो. जी.सी. शाह, डीन, विज्ञान संकाय, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा द्वारा प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। डॉ. प्रियंका अधिकारी ने प्रतिभागियों को बधाई देते हुए सभी संसाधन व्यक्तियों, अतिथियों एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
इंटरैक्टिव एवं फीडबैक सत्र में डॉ. नवीन चंद्र जोशी, डॉ. प्रियंका अधिकारी, प्रो. जे.एस. रावत, प्रो. जी.सी. शाह, डॉ. जी.सी.एस. नेगी, श्री वरुण रावत एवं श्री दीपांशु चंद्र उपस्थित रहे। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को ज्ञानवर्धक एवं व्यावहारिक रूप से उपयोगी बताते हुए कहा कि प्राप्त GIS एवं भू-स्थानिक तकनीकों का ज्ञान उन्हें भविष्य में पर्यावरण प्रबंधन, प्राकृतिक संसाधन संरक्षण, स्थानिक आँकड़ों के विश्लेषण एवं डेटा-आधारित निर्णय लेने में उपयोगी सिद्ध होगा।

प्रतिभागियों ने भविष्य में भी ऐसे उन्नत एवं विषय-विशेष आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता व्यक्त की।







