मीडिया प्रभारी अल्मोडा़ः दिनेश चन्द्र भट्ट
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड) (w)6395080071
कोतवाल द्वाराहाट ने ग्राम जामड पूजाखेत में
रात्रि चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों से किया संवाद।
पुलिस टीम ने साइबर अपराधों से बचाव, महिला एवं बाल अपराध, पॉक्सो एक्ट, नशे के दुष्प्रभाव एवं यातायात नियमों के प्रति दी जानकारी।
अल्मोड़ा: चंद्रशेखर घोडके, वरिष्ठ पुलिस द्वारा थाना/कोतवाली प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में रात्रि चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों की पुलिस संबंधी समस्याओं को सुनकर उनका त्वरित निस्तारण करने तथा साइबर अपराध, नए आपराधिक कानून, नशा, यातायात एवं अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए थे।
उक्त निर्देशों के क्रम में दिनांक 18.10.2026 की रात्रि को सीओ रानीखेत श्रीमती भावना कैंथोला के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली द्वाराहाट श्री विनोद जोशी द्वारा ग्राम जामड पूजाखेत में जाकर ग्राम प्रधान व बीडीसी मेम्बर की मौजूदगी में रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। जिसमें गांव के महिलाओं, पुरुषों व बच्चों द्वारा प्रतिभाग किया गया। इस दौरान ग्रामीणों की समस्याओं, शिकायतों एवं सुझावों को गंभीरतापूर्वक सुना गया तथा समस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु आवश्यक कार्यवाही की गई।
पुलिस टीम द्वारा ग्रामीणों को वर्तमान में प्रचलित साइबर अपराधों, विशेषकर डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, क्यूआर कोड स्कैम, फर्जी लिंक एवं ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। ग्रामीणों को बताया गया कि साइबर ठग पुलिस एवं अन्य सरकारी एजेंसियों के अधिकारी बनकर गिरफ्तारी का भय दिखाते हैं और लोगों को मानसिक दबाव में लेकर धनराशि ऐंठने का प्रयास करते हैं। ऐसे किसी भी कॉल से घबराएं नहीं और न ही किसी के कहने पर पैसे ट्रांसफर करें। किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, एटीएम पिन, सीवीवी एवं बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें तथा संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करने अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया गया।
इसके अतिरिक्त पुलिस टीम द्वारा ग्रामीणों को महिला एवं बाल अपराधों, पॉक्सो एक्ट, नवीन आपराधिक कानून, नशे के दुष्प्रभावों, यातायात नियमों तथा बालिकाओं की सुरक्षा के संबंध में जागरूक किया गया। ग्रामीणों को नशे से दूर रहने, यातायात नियमों का पालन करने तथा महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा के प्रति सजग रहने की अपील की गई।
अंत में ग्रामीणों को अपराधों की रोकथाम में पुलिस का सहयोग करने तथा गांव में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल नजदीकी थाना अथवा डायल 112 के माध्यम से पुलिस को देने हेतु प्रेरित किया गया।








