माँ बगलामुखी देवी लोक के लिए जगह देने को तैयार प्रजापत समाज, लेकिन पुनर्वास स्थल पर बिजली-पानी की व्यवस्था नहीं होने से बढ़ी परेशानी।

Spread the love

 

संवाददाता आगर मालवा : गोवर्धन कुम्भकार

 

                   (नया अध्याय, उत्तराखण्ड)                                              (w) 6395080071

 

माँ बगलामुखी देवी लोक के लिए जगह देने को तैयार प्रजापत समाज, लेकिन पुनर्वास स्थल पर बिजली-पानी की व्यवस्था नहीं होने से बढ़ी परेशानी।

 

 

आगर-मालवा:  जिले के नगर नलखेड़ा में लखुंदर नदी के किनारे पिछले 50 वर्षों से भी अधिक समय से प्रजापत (कुम्हार) समाज के लोग मिट्टी के बर्तन बनाने का कार्य कर अपना और अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। अब माँ बगलामुखी मंदिर परिसर में निर्माणाधीन देवी लोक परियोजना के अंतर्गत उनकी कार्यस्थल की जमीन प्रभावित हो रही है। यहां समाज के लोग करीब 30 से 40 हिट-भट्ठियां लगाकर मिट्टी के बर्तन तैयार करते हैं। ऐसे में समाज के सामने अपने पारंपरिक व्यवसाय और आजीविका को बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है।

 

खुशी-खुशी जगह छोड़ने को तैयार समाज, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की मांग।

 

                     प्रजापत समाज के लोगों का कहना है कि वे माँ बगलामुखी देवी लोक के निर्माण और धार्मिक विकास कार्यों के विरोध में नहीं हैं। समाज खुशी-खुशी अपनी वर्तमान जगह छोड़ने तथा देवी लोक परियोजना के लिए जमीन उपलब्ध कराने को तैयार है। लेकिन उनका कहना है कि शासन-प्रशासन द्वारा उन्हें नगर से लगभग 5 किलोमीटर दूर हिट-भट्ठियां लगाने और अपना व्यवसाय संचालित करने के लिए स्थान दिया गया है, जहां बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था नहीं है।

 

           समाज के लोगों के अनुसार, मिट्टी के बर्तन बनाने का कार्य केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि उनकी पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा और आजीविका का प्रमुख साधन है। ऐसे में बिना आवश्यक सुविधाओं के नई जगह पर काम करना उनके लिए काफी मुश्किल होगा। बिजली और पानी के अभाव में मिट्टी तैयार करने, बर्तन बनाने तथा उन्हें पकाने से जुड़े कार्य प्रभावित हो सकते हैं, जिससे परिवारों की आमदनी पर भी असर पड़ने की आशंका है।

 

आवेदन देने के बाद भी सुनवाई नहीं होने का आरोप

 

         प्रजापत समाज के लोगों का कहना है कि उन्होंने अपनी समस्याओं को लेकर शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को आवेदन देकर अपनी मांगों से अवगत कराया है। इसके बावजूद अब तक उनकी समस्या का संतोषजनक समाधान नहीं हुआ है। समाज के लोगों का कहना है कि वे विकास कार्य में सहयोग करना चाहते हैं, लेकिन उनके परिवारों की आजीविका और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।

 

समाज की प्रमुख मांगें क्या हैं?

 

           प्रजापत समाज ने शासन-प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि जिस स्थान पर उन्हें लगभग 5 किलोमीटर दूर बसाया जा रहा है, वहां हिट-भट्ठियां लगाने और पारंपरिक व्यवसाय चलाने के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

 

समाज की प्रमुख मांगें हैं—

 

– बिजली और पानी की तत्काल व्यवस्था: नए कार्यस्थल पर व्यवसाय के अनुकूल बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

– लिखित आश्वासन दिया जाए: आवंटित स्थान पर भविष्य में उन्हें बिना उचित व्यवस्था और वैकल्पिक स्थान दिए बेदखल नहीं किया जाएगा, इस संबंध में लिखित आश्वासन दिया जाए।

– आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित हो: समाज के परिवारों को अपना पारंपरिक व्यवसाय जारी रखने के लिए स्थायी और सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराया जाए।

– आवेदनों पर कार्रवाई हो: समाज द्वारा दिए गए आवेदनों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र उचित निर्णय लिया जाए।

 

विकास भी जरूरी, पारंपरिक व्यवसाय और आजीविका भी

 

      माँ बगलामुखी देवी लोक का निर्माण क्षेत्र के धार्मिक एवं पर्यटन विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। ऐसे में विकास कार्यों के साथ उन परिवारों के हितों का ध्यान रखना भी जरूरी है, जिनकी जमीन या कार्यस्थल इस परियोजना से प्रभावित हो रहे हैं।

 

              प्रजापत समाज का कहना है कि वे प्रशासन के साथ सहयोग करने के लिए तैयार हैं। उनकी मांग केवल इतनी है कि उन्हें ऐसी जगह दी जाए, जहां वे सम्मानपूर्वक अपना व्यवसाय कर सकें और उनके परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट न आए।

 

     अब देखना होगा कि शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधि प्रजापत समाज की इन मांगों पर कब तक ध्यान देते हैं और बिजली-पानी सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था कर समाज को राहत प्रदान करते हैं।

  • Related Posts

    करवा चौथ

    Spread the love

    Spread the love  मंजू अशोक राजाभोज    भंडारा (महाराष्ट्र)                  (नया अध्याय, उत्तराखण्ड)                     …

    करुण कथा

    Spread the love

    Spread the love  आचार्य अवधेश झा  गंघटी आश्रम, धर्मागत पुर पिलखी मुरौल, मुजफ्फरपुर                        (नया अध्याय, उत्तराखण्ड)       …

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    करवा चौथ

    • By User
    • October 28, 2026
    • 3 views
    करवा चौथ

    माँ बगलामुखी देवी लोक के लिए जगह देने को तैयार प्रजापत समाज, लेकिन पुनर्वास स्थल पर बिजली-पानी की व्यवस्था नहीं होने से बढ़ी परेशानी।

    • By User
    • October 28, 2026
    • 8 views

    करुण कथा

    • By User
    • October 28, 2026
    • 8 views
    करुण कथा

    सुहागिनों के करवाचौथ का व्रत आज पण्डित ब्रह्मदत्त शास्त्री

    • By User
    • October 28, 2026
    • 9 views
    सुहागिनों के करवाचौथ का व्रत आज पण्डित ब्रह्मदत्त शास्त्री

    आफताब गिरफ्तार, 40 ईंट-भट्ठा संचालकों से 45 लाख की ठगी का आरोप।

    • By User
    • October 28, 2026
    • 12 views
    आफताब गिरफ्तार, 40 ईंट-भट्ठा संचालकों से 45 लाख की ठगी का आरोप।

    “धैर्य और सकारात्मकता बनाए रखनी चाहिए”।

    • By User
    • October 28, 2026
    • 15 views
    “धैर्य और सकारात्मकता बनाए रखनी चाहिए”।