अनुराग बघेल बिजराकापा खुर्द, लोरमी, मुंगेली (छत्तीसगढ़)
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड) (w)6395080071
जय जोहार – देवारी तिहार
दीया जलगे घर-दुआर,
आगे देवारी के सुग्घर तिहार।
तोरन बंधगे आमा पान के,
खुशी बिखरगे हर किसान के ।
रंगोली सजे हे गली-गली,
खिलगे हे सबके मन के कली।
धन-दउलत के होही बरसात,
सुख-समिरिद्धि लेके आही देवारी के रात।
संगवारी सब मिल के हँसत हे,
अंधियारा ल दूर भगावत हे।
दाई ददा के अंतस ह खिलगे ,
बेटी बेटा ल देख के ओखर हिरदे मिलगे ।
मिल-जुल के सब तिहार मनावन,
जय जोहार के नारा लगावन।।






