इंजीनियर राशिद हुसैन
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
नात ए पाक ( saw)
अम्न का पैग़ाम लेकर आ गए
प्यारे रसूल
मजहबे इस्लाम लेकर आ गए प्यारे रसूल
वो मदीने की रियासत, वो निजामे-मुस्तफ़ा
अद्ल का इनाम लेकर आ गए प्यारे रसूल
हर तरफ जुल्मो-सितम की वहशतों की धूप थी
रहमतों की शाम लेकर आ गए प्यारे रसूल
हर जहालत के अंधेरे को मिटाने के लिए
मशअले-इस्लाम लेकर आ गए प्यारे रसूल
सारी दुनिया को मोहब्बत का सबक सिखला दिया
उल्फतों का जाम लेकर आ गए प्यारे रसूल
दुश्मनों को भी दुआएं दीं हमेशा आप ने
सब्र का पैगाम लेकर आ गए प्यारे रसूल
सारी दुनिया की हिदायत के लिए, राशिद मियां
आखिरी पैगाम लेकर आ गए प्यारे रसूल







