कवयित्री चन्द्रमती चतुर्वेदी (चन्दू )
बस्ती, अयोध्या धाम
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
प्रेम बिना सूना जग सारा, प्रेमहि जीवन सार है,
प्रेमहि से उपजे कविताई, प्रेमहि तो करतार है।
प्रेम सुधा जो पी लेता है, मिटता मन का भार है,
प्रेम जहाँ निष्काम मिले, वहीं प्रभु का दरबार है।
प्रेम गली अति साँकरी, दोऊ न जहाँ समाय,
मैं मिट जाऊँ अपनेपन से, तब ही श्याम मिलाय।
तन-मन अर्पण कर दिया, छोड़ा जग व्यवहार है,
प्रेम जहाँ सच्चा बसता, वहीं बसे करतार है।
प्रेम दीप जब जलता है, मिट जाता अँधियार है,
प्रेम बिना यह जीवन जैसे, सूना एक संसार है।
प्रेम बने जब भक्ति, मन में खिलता प्यार है,
प्रेम की पावन राहों पर, मिलता हरि का द्वार है।
चन्द्रमती कहती प्रेम ही, सबसे सुंदर ज्ञान है,
प्रेम हृदय में बस जाए तो, धन्य हुआ इंसान है।
प्रेम करो निष्काम सदा, यही प्रभु का उपहार है,
प्रेम बिना सूना जग सारा, प्रेमहि जीवन सार है।
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जनम जहाँ भी लेंगे, हम साथ तेरे ही होंगे,
बस याद इतना रखना, तेरे दिल में समाए होंगे।
दुनिया बदल भी जाए, मौसम बदल भी जाए,
हम प्यार बनके तेरे जीवन में मुस्कुराए होंगे।
तू दूर हो अगर तो, दूरी खलेगी हमको,
तेरी हर एक धड़कन आवाज देगी हमको,
रिश्ता ये जन्म-जन्म का कैसे भुलाएँगे हम,
तेरी ही याद बनकर आँखों में आए होंगे।
जनम जहाँ भी लेंगे, हम साथ तेरे ही होंगे,
बस याद इतना रखना, तेरे दिल में समाए होंगे।
किस्मत अगर जुदा कर दे, मिलना न हो सके तो,
मन से कभी न बिछड़ेंगे, चाहे जहाँ रहें तो,
तेरे लिए दुआओं में हाथ उठेंगे मेरे,
हर जन्म में तुम्हारे हम ही तो साए होंगे।
जब तक ये साँस होगी, तेरा ही नाम होगा,
दिल में तेरे लिए ही प्रेम का मुकाम होगा,
तू भूल भी गया तो शिकवा नहीं करेंगे,
हम प्यार की कहानी बनकर ही आए होंगे।
जनम जहाँ भी लेंगे, हम साथ तेरे ही होंगे,
बस याद इतना रखना, तेरे दिल में समाए होंगे।
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हाल हुआ बेहाल, जहाँ को देख रहा बदहाल,
मेरा तो हाल बुरा है, मेरा तो हाल बुरा है।हर चेहरे पर दर्द लिखा है, हर आँखों में पानी,
किससे कह दूँ दिल की पीड़ा, कौन सुने कहानी।
अपने ही जब दूर हुए तो, कौन बने रखवाल,
मेरा तो हाल बुरा है, मेरा तो हाल बुरा है।रिश्तों में अब प्यार कहाँ है, मतलब की दीवारें,
हँसते चेहरे छुपा रहे हैं, मन की पीड़ा सारे।
जिसको अपना समझा मैंने, उसने किया सवाल,
मेरा तो हाल बुरा है, मेरा तो हाल बुरा है।फिर भी मन में दीप जलाऊँ, हार कभी न मानूँ,
काँटों वाली राह मिले तो, हँसकर उसको जानूँ।
कल बदलेगा समय हमारा, होगा फिर खुशहाल,
मेरा तो हाल बुरा है, मेरा तो हाल बुरा है।हाल हुआ बेहाल, जहाँ को देख रहा बदहाल,
आज भले ही दर्द मिला है, कल होगा खुशहाल।
टूटे मन को जोड़ रही हूँ, लेकर नया ख्याल,
मेरा तो हाल बुरा है… पर हौसला बेमिसाल!







