मीडिया प्रभारीः दिनेश भट्ट
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
उत्तराखंड की विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति को मिली स्वीकृति, वैज्ञानिक विकास को मिलेगा नया आयाम।
अल्मोड़ा: उत्तराखंड देहरादून राज्य के लिए यह अत्यंत हर्ष एवं गौरव का विषय है कि राज्य की विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार (Science, Technology & Innovation – STI) Policy को शासन द्वारा औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। यह नीति राज्य में वैज्ञानिक सोच, अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता तथा तकनीकी विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है।
यह नीति प्रदेश के युवाओं, शोधकर्ताओं, शिक्षण संस्थानों, उद्योगों तथा नवाचार आधारित स्टार्टअप्स के लिए नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगी। साथ ही विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को समाज और विकास के विभिन्न क्षेत्रों से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) के महानिदेशक Prof. Durgesh Pant को उनकी दूरदर्शी सोच, सतत मार्गदर्शन, अथक प्रयासों एवं प्रभावी नेतृत्व के लिए व्यापक रूप से सराहा जा रहा है। उनके नेतृत्व में तैयार की गई यह महत्वाकांक्षी नीति आने वाले वर्षों में उत्तराखंड को विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध होगी।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि STI Policy राज्य में अनुसंधान संस्कृति को सुदृढ़ करने, स्थानीय समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान विकसित करने, पारंपरिक ज्ञान एवं आधुनिक तकनीक के समन्वय तथा सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
डॉ. नवीन चन्द्र जोशी, वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी एवं प्रभारी, मानसखंड विज्ञान केन्द्र, अल्मोड़ा ने कहा कि उत्तराखंड राज्य की विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार (STI) नीति को स्वीकृति मिलना राज्य के वैज्ञानिक विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम है। यह नीति न केवल अनुसंधान एवं नवाचार को प्रोत्साहित करेगी, बल्कि युवाओं, शिक्षण संस्थानों, वैज्ञानिकों तथा उद्यमियों के लिए नए अवसर भी सृजित करेगी। उन्होंने कहा कि यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत के नेतृत्व, दूरदृष्टि एवं सतत प्रयासों से यह महत्वपूर्ण उपलब्धि संभव हो सकी है। आने वाले समय में यह नीति उत्तराखंड को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर उत्तराखंड शासन, यूकॉस्ट परिवार तथा समस्त वैज्ञानिक समुदाय को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
“उत्तराखंड की STI Policy राज्य में वैज्ञानिक सोच, अनुसंधान, नवाचार एवं तकनीकी विकास को नई गति प्रदान करेगी। यह नीति युवाओं और वैज्ञानिकों के लिए अवसरों के नए द्वार खोलेगी तथा उत्तराखंड के ज्ञान-आधारित विकास की मजबूत आधारशिला सिद्ध होगी। इसके लिए मैं उत्तराखंड शासन, यूकॉस्ट एवं विशेष रूप से प्रो. दुर्गेश पंत जी को हार्दिक बधाई देता हूँ।”
— डॉ. नवीन चन्द्र जोशी
वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी एवं प्रभारी
मानसखंड विज्ञान केन्द्र, अल्मोड़ा (यूकॉस्ट)
यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने कहा कि उत्तराखंड राज्य की विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार (STI) नीति को शासन द्वारा स्वीकृति मिलना राज्य के वैज्ञानिक विकास के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह नीति विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार, उद्यमिता एवं अनुसंधान को एकीकृत दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।
उन्होंने कहा कि नीति का उद्देश्य राज्य में वैज्ञानिक सोच को जन-जन तक पहुंचाना, अनुसंधान एवं विकास को प्रोत्साहित करना, स्थानीय चुनौतियों के वैज्ञानिक समाधान विकसित करना तथा युवाओं को नवाचार एवं स्टार्टअप संस्कृति से जोड़ना है। यह नीति शिक्षा संस्थानों, अनुसंधान संगठनों, उद्योगों एवं समुदायों के बीच मजबूत समन्वय स्थापित कर उत्तराखंड को ज्ञान-आधारित एवं नवाचार-संचालित अर्थव्यवस्था की दिशा में अग्रसर करेगी।
उन्होंने कहा कि नीति का उद्देश्य राज्य में वैज्ञानिक सोच को जन-जन तक पहुंचाना, अनुसंधान एवं विकास को प्रोत्साहित करना, स्थानीय चुनौतियों के वैज्ञानिक समाधान विकसित करना तथा युवाओं को नवाचार एवं स्टार्टअप संस्कृति से जोड़ना है। यह नीति शिक्षा संस्थानों, अनुसंधान संगठनों, उद्योगों एवं समुदायों के बीच मजबूत समन्वय स्थापित कर उत्तराखंड को ज्ञान-आधारित एवं नवाचार-संचालित अर्थव्यवस्था की दिशा में अग्रसर करेगी।
प्रो. पंत ने कहा कि उत्तराखंड की विशिष्ट भौगोलिक एवं सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई यह नीति जल, कृषि, जैव विविधता संरक्षण, आपदा प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन, पर्वतीय आजीविका तथा पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण एवं संवर्धन जैसे क्षेत्रों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आधारित समाधानों को बढ़ावा देगी।
उन्होंने इस उपलब्धि के लिए उत्तराखंड सरकार के मार्गदर्शन, विभिन्न विभागों, शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थानों, विशेषज्ञों तथा यूकॉस्ट की टीम के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह नीति राज्य को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
“STI Policy केवल एक नीति दस्तावेज नहीं, बल्कि उत्तराखंड के वैज्ञानिक, तकनीकी एवं नवाचार आधारित भविष्य का रोडमैप है। यह नीति राज्य के युवाओं, वैज्ञानिकों, शिक्षण संस्थानों और उद्योगों को एक साझा मंच प्रदान करते हुए उत्तराखंड को ज्ञान एवं नवाचार आधारित विकास के नए युग में प्रवेश कराएगी।







