संवादाता कानड़ : गोवर्धन कुम्भकार
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
राशन दुकान संचालक एवं महिलाओं का कमीशन कटौती पर विरोध प्रदर्शन कमीशन बढ़ने से 12 सूत्री मांगे उठाई।
आगर-मालवा : उचित मूल्य दुकान विक्रेताओं एवं महिला स्वा सहायता समूहों ने अपनी प्रमुख समस्याओं के समाधान और कमीशन वृद्धि की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सोपा
ज्ञापन में कहा गया कि वर्ष 2018 से महिला स्वा सहायता समूह प्रदेशभर में उचित मूल्य दुकान का संचालन पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ खाद्यान्न वितरण का कार्य कर रहे हैं।
वहीं कोरोना काल जैसी कठिन परिस्थितियों में भी जनता को निधन की सेवाएं प्रदान की गई ज्ञापन में कहा गया कि वर्तमान में मिलने वाला कमीशन 10500 से काट कर 8500 ओर आगे 5000 तक कमीशन शासन के द्वारा किया गया है।
हाल ही में ही बिन पूर्वक सूचना और चर्चा के कमीशन में कटौती किए जाने से विक्रेताओं और महिला समूह की आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है वर्तमान कमिश्नर से दुकान का किराया, बिजली, इंटरनेट, परिवहन, कर्मचारियों का वेतन तथा अन्य आवश्यक खर्चों का वहन करना कठिन हो गया है।
विक्रेताओं ने सरकार से न्यूनतम 25,000 किया जाए।
राशि वापस करने कमीशन का समय पर भुगतान प्रत्येक पंचायत स्तर पर उचित मूल्य दुकान के लिए स्थाई भवन उपलब्ध कराने परिवहन व्यवस्थाओं में ऑनलाइन सरवर एवं पीओएस मशीन संबंधित तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान तथा सेल्समैन के लिए मानदेय जैसी मांग भी राखी
इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा अधिनियम स्वास्थ्य बीमा शासकीय कर्मचारियों के लिए सम्मान और सुविधाएं प्रदान करने तथा भविष्य में कोई भी नीति लागू करने से पहले विक्रेताओं एवं महिला स्वा सहायता समूहों के प्रतिनिधि चर्चा कर उनकी समिति लेने की मांग भी की गई
इसी मन में मंगू पर सफर अब तक लेना नहीं लिया गया तो प्रदेश घर में उचित मूल्य दुकान विक्रेताओं एवं महिला स्वा सहायता समूह लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से सामूहिक आंदोलन और हड़ताल करने के लिए बाध्य होंगे जिसके जिम्मेदारी शासन ओर प्रशासन की होगी।







