संत शिरोमणि गुरु रविदास के 650 वें जयंती।

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मीडिया प्रभारी अल्मोडा़ः दिनेश भट्ट

  •                     (नया अध्याय, देहरादून)

              

 

संत शिरोमणि गुरु रविदास के 650 वें जयंती।

 

 

 

   अल्मोड़ा: संत शिरोमणि गुरु रविदास के 650वें जयंती वर्ष एवं भारतीय संस्कृति के पावन पर्व गुरुपूर्णिमा के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी नगर मंडल अल्मोड़ा द्वारा चौघानपाटा में संत रविदास जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीपोत्सव कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता कर संत रविदास जी के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की। पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता का वातावरण बना रहा। उपस्थित सभी लोगों ने दीप प्रज्ज्वलित कर संत रविदास जी के बताए सत्य, समानता, सेवा और मानवता के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

 

कार्यक्रम का शुभारंभ संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात उपस्थित जनों ने संत रविदास जी के जीवन, उनके संघर्ष, आध्यात्मिक साधना और समाज सुधार के लिए किए गए अतुलनीय योगदान का स्मरण किया। वक्ताओं ने कहा कि संत रविदास जी ने ऐसे समय में सामाजिक समरसता का संदेश दिया, जब समाज अनेक प्रकार की कुरीतियों और भेदभाव से जकड़ा हुआ था। उन्होंने अपने विचारों और वाणी के माध्यम से यह सिद्ध किया कि मनुष्य की महानता उसके जन्म से नहीं, बल्कि उसके कर्म, चरित्र और आचरण से निर्धारित होती है।

 

इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी भारतीय संत परंपरा के ऐसे महान व्यक्तित्व थे, जिन्होंने समाज को समानता, भाईचारे और मानवता का अमूल्य संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी ने अपने जीवन से यह सिद्ध किया कि ईश्वर की भक्ति का मार्ग सभी के लिए समान रूप से खुला है और किसी भी प्रकार का ऊंच-नीच या भेदभाव भारतीय संस्कृति का हिस्सा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश के महान संतों, महापुरुषों एवं समाज सुधारकों के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य कर रही है। उनके जीवन और आदर्शों को सम्मान देना हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी है। संत रविदास जी के 650वें जयंती वर्ष का आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता के संकल्प को मजबूत करने का अवसर है।

 

राज्य मंत्री गोविन्द पिलखवाल ने अपने संबोधन में कहा कि गुरुपूर्णिमा भारतीय संस्कृति का ऐसा पर्व है, जो गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक है। ऐसे पावन अवसर पर संत रविदास जी की जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में दीपोत्सव का आयोजन अत्यंत प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी ने अपने उपदेशों के माध्यम से समाज को प्रेम, सेवा, करुणा और सत्य का मार्ग दिखाया। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने सदियों पहले थे। वर्तमान समय में जब समाज को आपसी सद्भाव और एकता की आवश्यकता है, तब संत रविदास जी की शिक्षाएं हमें परस्पर सम्मान और सामाजिक समरसता का मार्ग दिखाती हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपने दैनिक जीवन में संतों के आदर्शों को अपनाकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा और सहयोग की भावना पहुंचानी चाहिए।

 

भाजपा नगर अध्यक्ष विनीत बिष्ट ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी केवल एक महान संत ही नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन के अग्रदूत थे। उन्होंने समाज में व्याप्त छुआछूत, भेदभाव और असमानता के विरुद्ध अपनी वाणी से जागृति का शंखनाद किया तथा मानवता को सर्वोच्च स्थान दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सदैव उन महापुरुषों के विचारों को समाज तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध रही है, जिन्होंने भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को समृद्ध किया। संत रविदास जी के 650 वें जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित यह दीपोत्सव समाज में समरसता, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता का संदेश देने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को संत रविदास जी के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन का वाहक बनना चाहिए। गुरुपूर्णिमा का यह पावन अवसर हमें अपने गुरुजनों, संतों और महापुरुषों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के साथ-साथ उनके आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने की प्रेरणा देता है।

 

कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने संत रविदास जी के प्रसिद्ध विचार “मन चंगा तो कठौती में गंगा” का उल्लेख करते हुए कहा कि बाहरी आडंबर से अधिक महत्व मन की पवित्रता और सच्चे आचरण का है। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति का मन निर्मल हो और उसके कर्म समाजहित में हों, तो वही सच्ची भक्ति और राष्ट्र सेवा है। यही संदेश आज के समय में भी उतना ही प्रासंगिक है और समाज को नई दिशा प्रदान करता है।

 

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने संत रविदास जी के चित्र पर पुष्प अर्पित किए, दीप प्रज्ज्वलित किए तथा सामाजिक समरसता, राष्ट्रहित और जनसेवा के संकल्प को दोहराया। पूरे चौघानपाटा क्षेत्र में दीपों की रोशनी और श्रद्धा के वातावरण ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। उपस्थित कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि संत रविदास जी के विचारों और उनके सामाजिक समरसता के संदेश को घर-घर तक पहुंचाने का कार्य निरंतर किया जाएगा। जिला अध्यक्ष महेश नयाल राज्य मंत्री गोविंद पिलखवाल मेयर अजय वर्मा नगर अध्यक्ष विनीत बिष्ट, रवि रौतेला, धर्मेंद्र बिष्ट, कैलाश गुरुरानी, जिला मंत्री मनोज जोशी, हरीश कनवाल, नगर महामंत्री अर्जुन बिष्ट नगर महामंत्री देवेंद्र भट्ट जिला मंत्री रेखा आर्य मनोज तिवारी, पार्षद संजय जोशी, बीना नयाल, जगत तिवारी, कृष्ण बहादुर सिंह, नगर व्यापर मंडल अध्यक्ष अजय वर्मा, नीरज सांगा, रोहित वर्मा, आनंद भोज, शुभम रौतेला, गिरीश पांडे, आनंद कनवाल, नरेन्द्र बिष्ट, शैलेन्द्र रावत, आदि अनेक लोग उपस्थित रहे।

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