सौजन्यः संगम त्रिपाठी
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
सशक्त हस्ताक्षर की 51 वीं काव्य गोष्ठी में गूॅंजे कविता के स्वर
जबलपुर: सशक्त हस्ताक्षर की 51 वीं काव्य गोष्ठी श्री शास. महाकौशल महाविद्यालय में सानंद सम्पन्न हुई। सर्वप्रथम संस्थापक गणेश श्रीवास्तव प्यासा ने सभी अतिथियों, साहित्य मनीषियों, साहित्य प्रेमियों का अपनी वाणी से अभिनंदन किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राचार्य डॉ. अलकेश चतुर्वेदी, अध्यक्षता महामहोपाध्याय आचार्य डॉ. हरिशंकर दुबे, विशिष्ट अतिथि संध्या जैन श्रुति, डॉ . अरुण शुक्ल, अमरेंद्र नारायण सारस्वत अतिथि राजेश पाठक प्रवीण, मंगल भाव कवि संगम त्रिपाठी, इं. अरविंद मोहन नायक की गरिमामय उपस्थिति रही। सरस्वती वंदना प्रकाश सिंह ठाकुर इंद्राना ने की। यशपाल जैन, श्रीमती अंजलि नायक, डॉ. ज्योति जुनगरे, चंद्रकांत जैन, सत्यम् श्रीवास्तव, अरुण शुक्ल, दिवाकर शर्मा, महेश स्थापक, संतशरण श्रीवास्तव बच्चन की स्वागत, अभिनंदन में सहभागिता रही। इस अवसर पर अरविंद मोहन नायक की पुस्तक दास्तां का लोकापर्ण किया गया। डाँ . निर्मला डोंगरे पूर्णिका, व शिवानी भगत महेश्वरी को शाल, कलम श्री, मानपत्र, अंगवस्त्र, मोती की माला स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
गोष्ठी का शुभारंभ वरिष्ठ साहित्यकार हीराधर बड़गैया ने की। शिवानी भगत महेश्वरी, कुंजीलाल चक्रवर्ती निर्झर भेड़ाघाट, डॉ. ताराचंद कुशवाहा,सुशील श्रीवास्तव, उर्मिला श्रीवास्तव,डॉ. निर्मला डोंगरे पूर्णिका, पूजा नारायण शर्मा, तरुणा खरे तनु, मानसिंह ठाकुर दीपक, दीनदयाल तिवारी बेताल, विवेक कुमार गुप्ता सहर, प्रेम कुमार पालीवाल, लखन रजक, विजय सिन्हा कमर जानी इलाहाबादी, डॉ. अरुणा पान्डे, प्रभा बच्चन श्रीवास्तव, आशा मालवीय, कालीदास ताम्रकार काली, अमर सिंह वर्मा, सुशील जैन, डॉ. सुरेंद्र लाल साहू निर्विकार ने एक से बढ़कर एक विविध रंगी रचनाएँ पढ़कर कार्यक्रम को सफल बनाया। मंचस्थ अतिथियों ने भी काव्य पाठ कर मंच को ऊँचाईयां प्रदान की। संचालन सिद्धेश्वरी सराफ शीलू तथा आभार प्रदर्शन तरुणा खरे तनु ने किया।






