जैसी दृष्टि, वैसी सृष्टि

Spread the love

 

सुश्री सरोज कंसारी

कवयित्री, लेखिका एवं अध्यापिका 

रिपोर्टर, उद्घोषिका, नवापारा/राजिम,

रायपुर, (छत्तीसगढ़)

 

 

             (नया अध्याय, उत्तराखण्ड)

 

                          लेख:

 

              जैसी दृष्टि, वैसी सृष्टि

                     : सुश्री सरोज कंसारी

 

              =====================

 

परिस्थिति से विवश होकर मन को बोझिल न करना। जहाँ नकारात्मक बातें हों, वहीं सही सोच विकसित करने की कला ही जिंदगी है। जो हम देखते हैं, उसके कई पहलू होते हैं, लेकिन हम जब किसी बात के गमगीन पक्ष को देखकर टूट जाते हैं और उसके समाधान पर विचार नहीं करते, तब जीवन की उलझनें बढ़ती हैं। हमारे देखने का नजरिया महत्वपूर्ण होता है कि हम किसी भी परिस्थिति में क्या सोचते हैं? जीवन में सकारात्मक और नकारात्मक दोनों बातें होती हैं। सहज होने के लिए धैर्य जरूरी है। हम कोई भी विपरीत हालात होने पर सबसे पहले व्याकुल होते हैं, उसके परिणाम को लेकर अशांत होते हैं। मन में जो धारणा हम बना लेते हैं, वही प्रभाव दिमाग पर होता है। और जो भीतर सोचते हैं, वही बाहर दिखता है।

 

समय के साथ मनुष्य जीवन में विभिन्न परिवर्तन आते हैं। जो हो गया उसका पछतावा मत करिए! जीवन में होने वाली हर एक घटना आकस्मिक होती है, जिससे हम सीखते हैं, संभलते हैं। नए अनुभव होते हैं। हमें अनुभव देती हैं। चाहे जीवन का कोई सफर हो, हमेशा जीने के लिए श्रेष्ठता का मार्ग चुनिए। हर हाल में सच्चाई का दामन थामिए, अच्छाई को मत छोड़िए। हृदय से प्रेम को कभी कम मत होने दीजिए। उम्मीद रखिए खुद पर। आस्था-भक्ति और विश्वास की शक्ति से ही बिखरे हर लम्हे संवरते हैं। खुद के स्वार्थ के लिए किसी को दुखी मत कीजिए। अंत तो होना ही है, पर जब तक जीवन है हर लम्हा अद्भुत, आकर्षक, जीवंत-उत्साहित और सुकून से भरा हो, यही कोशिश कीजिए। शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत होना सबसे आवश्यक होता है।

 

दृष्टि को निर्मल बनाए रखने के लिए अभ्यास जरूरी है। पुस्तकों को रोज पढ़ा करें, पुस्तकें पढ़नी चाहिए…खुद से सवाल करें कि मैं क्या सोच रहा हूँ और क्यों सोच रहा हूँ? और खुद के विचारों पर नियंत्रण करें, क्योंकि विचारों पर नियंत्रण ही जीवन पर नियंत्रण है। जब विचार सकारात्मक होंगे, तो सृष्टि भी सुंदर स्वस्थ मन के लिए सही और सकारात्मक सोच बने रहना जरूरी है। जीवन में दुख, कमजोरी या पछतावे को भूलकर हमेशा श्रेष्ठता की यात्रा करनी चाहिए। हम हमेशा कोशिश करें अतीत के शोक से निकल, वर्तमान को बेहतर बनाने की। अभाव से प्रभाव तक पहुँचने के लिए तैयारी कीजिए। जीवन जीने का एक ही मंत्र रखिए! अभी हार न मानना, संयम-साधना, त्याग-तपस्या के साथ जीवन में आगे बढ़ते रहिए। छोटी सोच से निकल दिल बड़ा कीजिए। कई लोग होंगे जो आपके हर कार्य का विरोध करेंगे। आपके हर अच्छे कार्य में समस्या बनेंगे, लेकिन अडिग होकर अपने ध्येय को पूर्ण करने में लगे रहिए। किसी के दुर्भाव को खुद पर हावी मत होने दीजिए। नकारात्मक भावनाओं के साथ कोई भी कार्य आप अच्छे से नहीं कर सकते, कोई भी शुरुआत सही मानसिकता के साथ कीजिए। स्वस्थ मन के लिए सही और सकारात्मक सोच जरूरी है। भाग्य के भरोसे मत रहिए, कर्म भी पूरे मन से कीजिए। व्यावहारिक बनिए और विपरीत समय में भी मानसिक संतुलन बनाए रखिए।

 

  • Related Posts

    सच का साथ (कहानी)

    Spread the love

    Spread the love    राजेंद्र रंजन गायकवाड (सेवा निवृत्त केंद्रीय जेल अधीक्षक)  बिलासपुर, छत्तीसगढ़                       (नया अध्याय, उत्तराखण्ड)      …

    मेरा होना संभावना है अब भी।

    Spread the love

    Spread the love    राजकुमार कुम्भज जवाहरमार्ग, इन्दौर                         (नया अध्याय, उत्तराखण्ड)     ___________________ मेरा होना संभावना है…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    नंदादेवी मेले के शुभारंभ पर निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी उत्तराखंड की संस्कृति।

    • By User
    • September 15, 2026
    • 13 views
    नंदादेवी मेले के शुभारंभ पर निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी उत्तराखंड की संस्कृति।

    सच का साथ (कहानी)

    • By User
    • September 15, 2026
    • 9 views
    सच का साथ  (कहानी)

    मेरा होना संभावना है अब भी।

    • By User
    • September 15, 2026
    • 6 views
    मेरा होना संभावना है अब भी।

    डॉ. विजय कुमार पाठक प्रसून को मिला ‘हिंदी हितैषी सम्मान’

    • By User
    • September 15, 2026
    • 11 views
    डॉ. विजय कुमार पाठक प्रसून को मिला ‘हिंदी हितैषी सम्मान’

    संकल्प से सिद्धि तक: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की राष्ट्र सेवा और जन सेवा के 25 वर्ष।

    • By User
    • September 15, 2026
    • 9 views
    संकल्प से सिद्धि तक: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की राष्ट्र सेवा और जन सेवा के 25 वर्ष।

    प्रतिदिन कुछ नया सीखते-करते रहो!

    • By User
    • September 15, 2026
    • 13 views
    प्रतिदिन कुछ नया सीखते-करते रहो!