संवाददाता कन्नौज (उ. प्र.): दीप सिंह
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
आधी रात पुलिस पहुंची तो फिर गरमाया बीपी सिंह कठेरिया प्रकरण, कांकरकुई में जुटी भीड़।
सौरिखः बीपी सिंह कठेरिया प्रकरण में प्रशासन के आश्वासन के बाद थमा आंदोलन एक बार फिर सुर्खियों में आ गया। शुक्रवार देर रात करीब एक बजे भीम आर्मी जिलाध्यक्ष सूरज कुमार कर्ण के आवास पर पुलिस पहुंची। पुलिस द्वारा पूछताछ के लिए बुलाने की सूचना के बाद शनिवार सुबह बड़ी संख्या में कठेरिया और दलित समाज के लोग व भीम आर्मी के कार्यकर्ता कांकरकुई गांव में एकत्र हो गए।
समर्थकों का आरोप है कि पुलिस की इस कार्रवाई से लोगों में नाराजगी बढ़ी है। मौके पर पहुंचे भीम आर्मी पदाधिकारियों ने बीपी सिंह कठेरिया के परिवार को न्याय दिलाने और मामले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग दोहराई।
इससे पहले 10 सितंबर को भी भीम आर्मी जिलाध्यक्ष सूरज कुमार कर्ण, भाईचारा जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र कठेरिया समेत अन्य पदाधिकारियों के नेतृत्व में सैकड़ों लोग जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे थे। यहां धरना-प्रदर्शन के बाद प्रशासन की ओर से मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिए जाने पर आंदोलन समाप्त कर दिया गया था।
शुक्रवार रात पुलिस के पहुंचने को लेकर जिलाध्यक्ष सूरज कुमार कर्ण ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीपी सिंह कठेरिया के परिवार को न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
परिजनों का आरोप है कि बीपी सिंह कठेरिया की हत्या कर शव को पंचायत भवन में लटकाया गया था। परिजनों के अनुसार, कथित सुसाइड नोट में भी कुछ लोगों को मौत के लिए जिम्मेदार बताया गया था। मामले में दो आरोपियों के जेल जाने की बात कही जा रही है, जबकि कुछ अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
आंदोलनकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग के बीच पीड़ित परिवार के समर्थन में आवाज उठाने वालों पर कार्रवाई का प्रयास किया जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर शनिवार सुबह कांकरकुई में लोगों की भीड़ जुटी और एक बार फिर माहौल गरमा गया।
हालांकि पुलिस का कहना है कि मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। जिलाध्यक्ष के आवास पर पुलिस पहुंचने के कारण और लगाए गए आरोपों को लेकर पुलिस का विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।







