संवाददाता कन्नौज (उ. प्र.): दीप सिंह
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
एचआईवी-एड्स व एसटीआई/आरटीआई/एसटीडी सेवाओं को प्रभावी बनाने पर चिकित्सा अधिकारियों को प्रशिक्षण।
कन्नौजः मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय स्थित आयुष्मान सभागार में बुधवार को HIV/AIDS एवं STI/RTI/STD विषय पर चिकित्सा अधिकारियों के लिए एक दिवसीय ओरिएंटेशन एवं संवेदीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का आयोजन PHFI एवं उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी (UPSACS) के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी की उपस्थिति एवं मार्गदर्शन में चिकित्सा अधिकारियों को संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला क्षय रोग अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक पुरुष तथा शहरी एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। इसके अलावा DISHA कार्यालय कानपुर मंडल, इटावा के स्टाफ की भी सहभागिता रही।
प्रशिक्षण के दौरान HIV/AIDS एवं STI/RTI/STD की रोकथाम, शीघ्र पहचान, जोखिम आकलन, जांच, परामर्श, उपचार और रेफरल सेवाओं से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी दी गई। स्वास्थ्य संस्थानों पर इन सेवाओं की गुणवत्ता और प्रभावशीलता बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा हुई।
कार्यशाला में HIV से जुड़े कलंक और भेदभाव को कम करने तथा पात्र लोगों को समय से जांच एवं उपचार सेवाओं से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही राष्ट्रीय एड्स एवं STD नियंत्रण कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने और विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विचार-विमर्श किया गया।
PHFI की ओर से डॉ. नीतू गुप्ता (मास्टर ट्रेनर), प्रसाद संत (सीबीई), अवंतिका बाजपेयी (सीबीओ), साक्षी तिवारी (सीपीएम) एवं अजय गुप्ता ने विषयवार प्रशिक्षण देते हुए आवश्यक तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई। कार्यशाला के दौरान समयबद्ध रेफरल व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई।







