सम्पादक रुद्रप्रयागः लक्ष्मण सिंह नेगी
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
36 घंटो से मूसलाधार बारिश, केदार घाटी में जनजीवन प्रभावित।
तापमान में भारी गिरावट से बढ़ी ठंड, फसलों को नुकसान।
बनातोली में मोरखमा नदी का जलस्तर बढ़ने से अस्थाई पुल पर खतरे की जद में।
ऊखीमठ: केदार घाटी सहित जिले के सभी क्षेत्रों में पिछले 36 घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार बारिश के चलते तापमान में भारी गिरावट आने से समूची केदार घाटी में ठंड बढ़ गई है। वहीं बारिश और प्रतिकूल मौसम का असर केदारनाथ यात्रा पर भी साफ दिखाई दे रहा है। यात्रा पड़ावों पर सन्नाटा पसरा है
लगातार हो रही बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में काश्तकारों की चिंता भी बढ़ गई है। खेतों में तैयार तथा पकने की कगार पर पहुंची फसलों पर बारिश का प्रतिकूल असर पड़ रहा है। कई स्थानों पर खेतों में पानी भरने और लगातार नमी बने रहने से फसलों के खराब होने की आशंका जताई जा रही है। काश्तकार बलवीर राणा का कहना है कि यदि मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहा तो काश्तकारों को कृषि उत्पादन में नुकसान उठाना पड़ सकता है।
मूसलाधार बारिश का असर केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भी देखने को मिल रहा है। गौरीकुंड से लेकर केदारनाथ धाम तक विभिन्न यात्रा पड़ावों में तीर्थयात्रियों की चहल-पहल कम होने से सन्नाटा पसरा हुआ है। खराब मौसम के चलते यात्रियों और स्थानीय कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। यात्रा से जुड़े घोड़े-खच्चर संचालकों, दुकानदारों तथा अन्य व्यवसायियों के कारोबार पर भी बारिश का सीधा असर पड़ा है।
द्वितीय केदार मदमहेश्वर यात्रा के आधार शिविर बनातोली में लगातार बारिश के कारण मोरखमा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी के उफान पर आने से यहां बनाया गया अस्थाई लकड़ी का पुल खतरे की जद में आ गया है। पुल के आसपास नदी का बहाव तेज होने से स्थानीय लोगों और यात्रा से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ गई है। बारिश के बीच नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि होती रही तो पुल को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है। प्रधान अनूप पंवार ने बताया कि मदमहेश्वर यात्रा मार्ग पर बनातोली महत्वपूर्ण पड़ाव है और यहां से आगे यात्रियों की आवाजाही होती है। ऐसे में नदी का जलस्तर बढ़ने तथा अस्थाई पुल पर खतरा मंडराने से यात्रा व्यवस्था को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के कारण तापमान में आई गिरावट से ठंड का असर बढ़ गया है। केदारनाथ, मदमहेश्वर सहित हिमालयी क्षेत्रों में मौसम पूरी तरह खराब बना हुआ है। लगातार बारिश के कारण आम जनजीवन प्रभावित होने के साथ ही सड़क और पैदल मार्गों पर भी आवाजाही जोखिमपूर्ण हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग आवश्यक कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। लगातार बिगड़ते मौसम ने जहां तीर्थयात्रियों की मुश्किलें बढ़ाई हैं।






