सम्पादक रुद्रप्रयागः लक्ष्मण सिंह नेगी
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
बारिश की धार और लुढ़कते पारे के बीच 44वें दिन भी गूंजे आंदोलन के स्वर।
मोहनखाल-किणझाणी-चोपता (तुंगनाथ) मोटर मार्ग की मांग को लेकर धरना जारी।
मूसलाधार बारिश में सरकार के खिलाफ गरजे आंदोलनकारी।
ऊखीमठः मोहनखाल-किणझाणी-चोपता (तुंगनाथ) मोटर मार्ग निर्माण की मांग को लेकर
मोहनखाल में चल रहा आंदोलन झमाझम बारिश और लुढ़कते तापमान के बीच 44वें दिन भी जारी रहा। मूसलाधार बारिश के बावजूद आंदोलनकारी धरना स्थल पर डटे रहे और प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए मोटर मार्ग निर्माण की मांग बुलंद की। आंदोलनकारियों ने कहा कि लंबे समय से क्षेत्र की महत्वपूर्ण तीर्थाटन एवं पर्यटन संभावनाओं को धरातल पर उतारने वाले इस मार्ग की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार की ओर से अब तक ठोस पहल नहीं होने से क्षेत्रवासियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
आंदोलनकारियों ने कहा कि मोहनखाल-किणझाणी-चोपता मोटर मार्ग को महज गांवों को जोड़ने वाली सड़क के रूप में देखना उचित नहीं होगा। यह मार्ग उत्तराखंड के महत्वपूर्ण तीर्थ एवं पर्यटन स्थलों को आपस में जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण पर्यटन धुरी के रूप में विकसित हो सकता है। मोटर मार्ग के निर्माण से तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ, कार्तिक स्वामी, मोहनखाल, पोखरी, नागनाथ और वामनाथ सहित विभिन्न धार्मिक एवं पर्यटक स्थलों तक आवाजाही सुगम होगी और इन क्षेत्रों में तीर्थाटन एवं पर्यटन गतिविधियों को व्यापक विस्तार मिलने की उम्मीद है।
धरना स्थल पर आंदोलनकारियों ने कहा कि वर्तमान में चारधाम और पंचकेदार यात्रा के साथ-साथ उत्तराखंड के अन्य धार्मिक स्थलों की ओर भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों का रुझान बढ़ रहा है। ऐसे में मोहनखाल-किणझाणी-चोपता मार्ग का निर्माण जनपद चमोली व रूद्रप्रयाग के चहुंमुखी विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इससे तुंगनाथ और कार्तिक स्वामी तीर्थों के बीच पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ ही रुद्रप्रयाग और चमोली जनपद के पर्वतीय पर्यटन स्थलों को एक नई कनेक्टिविटी मिल सकती है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि मार्ग बनने से दोनों जनपदों के बीच तीर्थाटन एवं पर्यटन का नया सर्किट विकसित किया जा सकता है। इससे स्थानीय युवाओं को होम स्टे, होटल, ढाबा, परिवहन, स्थानीय उत्पादों और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों से जोड़ने के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मार्ग को केवल सड़क निर्माण की सामान्य परियोजना न मानकर तीर्थाटन और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचे के रूप में लेना चाहिए। मोहनखाल सहित सम्पूर्ण भूभाग में विगत 36 घन्टो से मूसलाधार बारिश जारी है तथा तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद आंदोलनकारियों का हौसला कम नहीं हुआ। बारिश के बीच धरना स्थल पर पहुंचे आंदोलनकारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मार्ग निर्माण की मांग को लेकर अपना संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक मोटर मार्ग निर्माण की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रदेश सरकार से जनभावनाओं को देखते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने तथा मार्ग निर्माण का शासनादेश जारी करने की मांग की। इस मौके पर ललित मोहन, रविन्द्र थपलियाल, ओमप्रकाश, सौरभ सिंह, राहुल सिंह, सूरज सिंह, गोविन्द सिंह, हरीश सिंह, विनय कुमार, वासुदेव सिंह नेगी, संतोष आगरी, गिरीश लाल, अम्बरीष, कल्पेश्वरनन्द थपलियाल, धर्मेन्द्र बिष्ट, आशीष थपलियाल, प्रकाश लाल, जगदीश , पुष्कर सिंह, रूपचन्द्र सिंह मौजूद रहे।







