ब्यूरो श्रीनगर (गढ़वाल) देवेन्द्र गौड़।
जाम के झाम में फंसा श्रीनगर नगर निगम।
श्रीनगर गढवालः क्षेत्र का केंद्र बिंदू श्रीनगर शहर शदियों से प्रसिद्ध रहा है तथा हमेशा गढ़ नरेशों ने इसको पाने के लिऐ हर संभव प्रयासरत रहे हैं चौदहवीं सदी के राजा कनकपाल रहे हों या चांदपुर गढी़ के मौली, मुसद्धी खड़क सिहं जिन्होंने वाल्यकाल में राजपाट संभालने वाले बाला फतेहशाह को रास्ते से हटाने के लिऐ हरसंभव प्रयास किया भला हो उस दौर की प्रजा का जिन्होंने बालराज की ढालबनकर खड़क सिहं को खदेड़कर गुलाबराय के पंचभय्या खाल में परिवार सहित आत्महत्या करने को मजबूर किया।
लेकिन वर्तमान स्थिति यह है कि इस शहर लेबर, राजमिस्त्री, के रूप में सांप्रदायिक घुसपैठ बढने के साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, यात्रा का मुख्य पड़ाव होने के साथ-साथ विगत् वर्षों से यातायात भी निरंतर अवरुद्ध होता जा रहा है।
गौरतलब है श्रीनगर नगर निगम क्षेत्र बनेने से औधा तो जरूर बढा़ लेकिन यातायात व्यवस्था दिनप्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। जिसका मुख्य कारण यह है कि विगत वर्षों में भवन, मकान, दुकानें वाहनों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है लेकिन यातायात व्यवस्था सुधारने एवं नियंत्रण करने के लिऐ सड़कों का निर्माण नहीं हुआ है। ऋषिकेश बद्रीनाथ, केदारनाथ व अन्य जगह जाने के लिऐ एकमात्र मुख्य सड़क है जिममें होटल, दुकान, व्यवसायी एवं स्थानीय निवासी भी अपने वाहनों को भी मुख्य सड़क के किनारे खड़े कर देते हैं या पार्किंग बना के रखे हैं श्रीनगर के विधायक एवं कैबिनेट मंत्री विगत् वर्षों से श्रीनगर को आक्रशित पलेश बनाने व यातायात को नियंत्रण करने के श्रीनगर शहर के दोनो छोरों के किनारों से उपर से ठंडी सड़क व अलकनन्दा के किनारे से मरीनड्राइव बनाने की बात तो करते हैं पर अभीतक अमल में नहीं ला पाऐ हैं जिसका मुख्य कारण स्थानीय व्यापारी भी ठंडी सड़क के पक्ष में नही हैं अधितर व्यापारियों का कहना है कि श्रीनगर के उपरी किनारे से ठंडी सड़क का निर्माण होने के बाद वाहनों का आवागमन होगा तो रूद्रप्रयाग, केदारनाथ व बद्रीनाथ की तरफ जाने वाले सभी यात्री सीधे, सीधे निकल जायेंगे जिसका असर सीधे श्रीनगर के व्यापार पर पड़ेगा। वहीं श्रीनगर नगर क्षेत्र के व्यापार संघ अध्यक्ष भी दिनेश असवाल का कहना है कि यातायात व्यवस्था तो हरहाल सुधरनी चाहिये पर व्यापारियों, व कारोबार का भी विशेष ध्यान मे रखकर सड़क निर्माण करना उचित होगा।
श्रीनगर की व्यवस्था सुधारने व खूबसूरत शहर बनाने के लिऐ तीन दशक पहले उत्तरप्रदेश में रहे प्रवतीय राज्य मंत्री मातवर सिंह कण्डारी ने कहा था कि श्रीनगर झरनों और फूलों से सजाया जाऐगा जिसमें जगह झरने तालाब व नदी किनारे खूबसूरत मरीनड्इव बनाया जायेगा इसके साथ ही सुबे के शिक्षा,चिकित्सा शिक्षा स्वास्थ्य मंत्री धनसिहं भी दोहराते आरहे हैं लेकिन वर्तमान स्तिथि यह है कि सपनों खूबसूरत श्रीनगर शहर अभी भी जाम के झाम में फंसा हुआ है तथा सीमित एकमात्र मुख्य सड़क व बढते, रौंधते ट्रेफिक से निजात पाने की राह देख रहा है।







