सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के चारों परिसरों का तैयार होगा मास्टर प्लान।

Spread the love

ब्यूरो कुमाऊं : दयानन्द कठैत (अल्मोड़ा)

सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के चारों परिसरों का तैयार होगा मास्टर प्लान।

अल्मोड़ा के सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय को स्मार्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। विश्वविद्यालय के अधीन चार परिसरों का मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। इसके बनने के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन एक स्थान पर बैठकर परिसर के विकास की योजनाएं बना सकेगा।

एस‌एसजे विश्वविद्यालय के अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ तथा चंपावत आदि के परिसरों का मास्टर प्लान जल्दी तैयार होगा।प्लान बनने से विश्वविद्यालय के पास अपनी भूमि, संकाय, कक्षाओं, कार्यालय, सड़क, आवासीय मकानों आदि की पूरी जानकारी होगी।

ग्रामीण विकास विभाग को इन चारों परिसरों का मास्टर प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।

सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. देवेन्द्र सिंह बिष्ट ने बताया कि मास्टर प्लान बनने से विकास कार्यों को गति मिलेगी।निर्माण कार्य के लिए कहां भूमि उपलब्ध है इसकी जानकारी आसानी से मिल सकेगी। इसके साथ ही हमारे पास विश्वविद्यालय की संपत्ति की पूरी जानकारी होगी।

 

  • Related Posts

    कोई भी काम असंभव नहीं

    Spread the love

    Spread the love  बीएल भूरा                                                   …

    आत्मकथ्य; उर्फ मैं एक अकिंचन कवि लिखूँगा ही क्या?

    Spread the love

    Spread the love  राजकुमार कुम्भज                                          जवाहरमार्ग, इन्दौर        …

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    कोई भी काम असंभव नहीं

    • By User
    • November 5, 2026
    • 8 views
    कोई भी काम असंभव नहीं

    विधिक साक्षरता/जागरूकता का आयोजन किया गया…..

    • By User
    • November 5, 2026
    • 6 views
    विधिक साक्षरता/जागरूकता का आयोजन किया गया…..

    म्हारी बोली म्हारी माटी म्हारो गांव –

    • By User
    • November 5, 2026
    • 11 views
    म्हारी बोली म्हारी माटी म्हारो गांव –

    आत्मकथ्य; उर्फ मैं एक अकिंचन कवि लिखूँगा ही क्या?

    • By User
    • November 5, 2026
    • 10 views
    आत्मकथ्य; उर्फ मैं एक अकिंचन कवि लिखूँगा ही क्या?

    कोई एहसान नहीं, फर्ज का तकाजा है, हैं आदमी तो, आदमी के काम आऐंगे।

    • By User
    • November 5, 2026
    • 10 views
    कोई एहसान नहीं, फर्ज का तकाजा है,  हैं आदमी तो, आदमी के काम आऐंगे।

    दीपोत्सव के पाँच दिन, पाँच दीप, और पाँच संकल्प।

    • By User
    • November 5, 2026
    • 11 views
    दीपोत्सव के पाँच दिन, पाँच दीप, और पाँच संकल्प।