नवीन डिमरी ‘बादल’
‘सरस्वती सदन’, डिम्मर (सैण)
सिमली, चमोली (उत्तराखंड)
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
गजल
अब वे जो भी काम करेंगे,
कहते खुल्लेआम करेंगे।
घर में अपना काम करेंगे,
दफ्तर में आराम करेंगे।
वेतन-भत्ते नहीं बढ़े तो,
फिर से चक्का जाम करेंगे।
जो तन-मन से काम करेंगे,
चमचा कह बदनाम करेंगे।
अगर शिकायत गयी साहब तक,
तो फिर कत्लेआम करेंगे।
घोटालों का दौर चला है,
दफ्तर भी नीलाम करेंगे।
‘बादल’ सच की राह चलेगा,
लोग तुझे बदनाम करेंगे।
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