मीडिया प्रभारीः दिनेश भट्ट
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
ये सिगरेट का धुआं कहीं तुम्हें निगल न ले-डाक्टर जे सी दुर्गापाल।
अल्मोड़ा: होटल सभागार में आयोजित सभा में डॉ. जे सी दुर्गापाल ने कहा, कि जिंदगी चुने या तंबाकू चयन जनता का हित – अहित करना होगा। क्षेत्र की तमाम जनता को तंबाकू के कारण होने वाली बुराईयां व बीमारियों के विषय में बतलाया सिगरेट, पान – मसाला, गुटका, बीड़ी व अन्य रूपों में तंबाकू का जहरीला पदार्थ प्रयोग होता है। 31 मई को प्रतिवर्ष जागरूकता कर जनमानस को तंबाकू से होने वाली बुराइयों व बीमारियों पर बतलाया जाता है। तंबाकू में 4000 से अधिक रसायन होते हैं और सबसे अधिक कैंसर जनक होते है। सबसे अधिक खतरनाक होता है निकोटिन, स्वास्थ्य की दृष्टि से शराब से भी अधिक खतरनाक तंबाकू है, कैंसर युक्त रसायन की मात्रा शराब की तुलना में बहुत अधिक होती है ।एक सर्वे में बताया गया कि एक सिगरेट यक्ति की उम्र 20 मिनट कम कर देता है। सिगरेट की डिबिया में वैधानिक चेतावनी अंग्रेजी में बहुत ही सूक्ष्म लिखी होती है। जबकि ज्यादातर तंबाकू सेवन करने वाले लोग गरीब व अनपढ होते हैं, जिनके लिय वैधानिक चेतावनी हिंदी में स्पष्ट रूप से अंकित होनी चाहिए व हर नगर में तंबाकू जनित या तंबाकू सेवन से होने वाले कैंसर के बड़े- बड़े होल्डिंग लगाने चाहिए। धूम्रपान का असर केवल पीने वाले को ही नहीं उससे जनित धुएँ के संपर्क में आए युक्तियों को भी होता है। धूम्रपान के हृदय -आघात, मोतियाबिन्द, उच्च रक्तचाप, आतों के घाव, शरीर का सुन्न होना इत्यादि कई गम्भीर बीमारियाँ जन्म लेनी लगती है, आजकल ग्रामीण व उच्च वर्ग की महिलाएं सिगरेट पीने को सशक्त नारीवाद से जोड़कर देखने लगी हैं। गोष्टी में सुंदर सिंह, भुवन, मनोज सनवाल, राघव पंत, डॉ. हर्षवर्धन पंत, देवेश पंत, श्याम बिष्ट, आशीष वर्मा, शंकर दत्त भट्ट, हम जोशी, गोकुल रावत, लक्ष्मण सिंह ऐठानी, एम सी कांडपाल, चन्द्रमणि भट्ट, आनंद बगडवाल, सभासद अमित साह (मोनू) आदि के साथ क्षेत्र की जनता एवं डे केयर के अन्य सदस्य रहे ।







