सुरंगमा
सोच पब्लिकेशन हाउस
दिल्ली/ मुंबई
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
जागती आँखों के ख्वाबों का अनूठा सफर: ‘ख्वाबों का मुसाफिर’ दिल्ली/ मुंबई, सोच पब्लिकेशन हाउस (Soch Publication House) द्वारा प्रकाशित एक नया गजल संग्रह ख्वाबों का मुसाफिर महज शायरी का संग्रह नहीं, बल्कि जागती आँखों से देखे और जिए गए ख्वाबों का एक जीवंत दस्तावेज है।
इस बेहतरीन किताब ख़्वाबों का मुसाफ़िर के लेखक सुप्रसिद्ध शिक्षाविद और शायर ओमप्रकाश लटियाल हैं। पेशावर जिंदगी में वरिष्ठ अध्यापक (अंग्रेज़ी) के पद पर कार्यरत ओमप्रकाश जी अब तक विभिन्न डिजिटल मंचों पर 15,000 से अधिक रचनाएँ लिख चुके हैं। इस किताब में उन्होंने मोहब्बत को एक गहरे यक़ीन के रूप में पेश किया है, जो हर अधूरे ख़्वाब को हकीकत में बदलने का हौसला देता है। लेखक का मानना है कि जब भी पाठकों को इन पन्नों में अपने दिल की धड़कन सुनाई देगी, उनका लिखना मुकम्मल हो जाएगा। सोच पब्लिकेशन हाउस द्वारा बेहद आकर्षक अंदाज में छापी गई यह पुस्तक हर उस मुसाफिर के लिए है, जो अपनी आँखों में सपनों का कारवां लेकर चलता है। शायरी और ग़ज़ल प्रेमियों के लिए यह किताब वाकई सुकून का एक नया झोंका है।
पाठकों के लिए विशेष: जज़्बातों के इस खूबसूरत सफर का हिस्सा बनने के लिए अमेजन (Amazon) पर अपनी प्रति आज ही ऑनलाइन ऑर्डर करें और साहित्य के इस अनोखे रंग में सराबोर हों।







