मीडिया प्रभारीः दिनेश भट्ट
(नया अध्याय, देहरादून)
जिलाधिकारी ने अल्मोड़ा हैंडलूम स्वयं सहायता समूह पातालदेवी का किया निरीक्षण।
महिला बुनकरों से संवाद कर समस्याएं सुनीं, विपणन में हरसंभव सहयोग का दिया आश्वासन।
अल्मोड़ा: जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने शनिवार को पातालदेवी स्थित अल्मोड़ा हैंडलूम स्वयं सहायता समूह की उत्पादन इकाई का निरीक्षण किया। इस इकाई के बुनकर पूर्व में हिमाद्रि हंस हैंडलूम के नाम से कार्य करते थे और वर्तमान में अल्मोड़ा हैंडलूम स्वयं सहायता समूह के नाम से कार्य कर रहे हैं । यहां लगभग 20 महिला बुनकर पारंपरिक हस्तकरघा उत्पादों के निर्माण का कार्य कर रही हैं।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने महिला बुनकरों से सीधे संवाद कर उनके कार्यों का अवलोकन किया तथा उत्पाद निर्माण की पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने समूह की महिलाओं से उनके कार्य में आने वाली कठिनाइयों, उत्पादन क्षमता, कच्चे माल की उपलब्धता तथा अन्य आवश्यकताओं के संबंध में विस्तार से चर्चा की।
महिला बुनकरों ने जिलाधिकारी को बताया कि उनके द्वारा तैयार किए जा रहे हस्तकरघा उत्पादों की गुणवत्ता अच्छी होने के बावजूद तैयार माल के विपणन तथा उपयुक्त बाजार उपलब्ध कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने अपने उत्पादों के बेहतर विपणन एवं व्यापक बाजार उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
इस पर जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने समूह को आश्वस्त किया कि प्रशासन स्थानीय हस्तशिल्प एवं हस्तकरघा उत्पादों के प्रचार-प्रसार और विपणन के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वयं सहायता समूह द्वारा तैयार उत्पादों के लिए बेहतर विपणन के अवसर उपलब्ध कराने तथा विभिन्न मेलों, प्रदर्शनियों एवं अन्य उपयुक्त प्लेटफार्मों से समूह को जोड़ने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि महिला बुनकरों की आय में वृद्धि हो सके और स्थानीय हस्तकरघा उद्योग को भी बढ़ावा मिले।
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी पीताम्बर प्रसाद सहित अन्य संबंधित मौजूद रहे ।







