ऊखीमठः केदारनाथ विधानसभा की पूर्व विधायक स्वर्गीय शैलारानी रावत की पुत्री ऐश्वर्या रावत ने ग्राम पंचायत घिमतोली के ग्वास गाँव में वृक्षारोपण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।

Spread the love

ब्यूरो रुद्रप्रयागः लक्ष्मण सिंह नेगी

              ऊखीमठः केदारनाथ विधानसभा की पूर्व विधायक स्वर्गीय शैलारानी रावत की पुत्री ऐश्वर्या रावत ने ग्राम पंचायत घिमतोली के ग्वास गाँव में वृक्षारोपण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उनके आगमन पर महिलाओं ने उनका फूल मालाओं से भव्य स्वागत किया। ऐश्वर्या रावत ने तल्ला नागपुर व दशज्यूला के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर जनता जनार्दन का आशीर्वाद मांगा।वृक्षारोपण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए ऐश्वर्या रावत ने कहा कि प्रकृति के साथ मानवीय हस्तक्षेप होने से प्रतिवर्ष ग्लोबल वार्मिंग की समस्या बढ़ती जा रही है जो कि भविष्य में गम्भीर समस्या बन सकती है। उन्होंने कहा कि एक अध्ययन के अनुसार जलवायु परिवर्तन के कारण पूरे भारत वर्ष में पांच हजार प्राकृतिक जल स्रोतों का पानी सूख चुका है। उन्होंने कहा कि धरती के पारिस्थितिकी सन्तुलन के लिए समय – समय पर धरती के खाली भूभाग पर वृक्षारोपण जरूरी है। उन्होंने महिलाओं का आवाहन करते हुए कहा कि पहाड़ में महिलाओं का सघर्ष पहाड़ जैसा है क्योंकि देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक व पौराणिक परमपराओ को जीवित रखने में महिलाओं का अहम योगदान रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से रोपित पौधों की देखभाल करने की अपील की। क्षेत्र पंचायत सदस्य घिमतोली अर्जुन सिंह नेगी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण प्रति वर्ष तापमान में वृद्धि हो रही है इसलिए बढ़ते तापमान पर वृक्षारोपण के माध्यम से अंकुश लगाया जा सकता है। महिला मंगल दल अध्यक्ष शशि देवी ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग की समस्या भविष्य के लिए शुभ संकेत नही है। कार्तिकेय कीर्तन मण्डली अध्यक्ष राजेश्वरी देवी ने कहा कि रोपित पौधों की देखभाल सभी को करनी होगी तभी ग्रामीणों की मेहनत का फल आने वाली पीढ़ी को मिलेगा। इस दौरान रोपित पौधों की देखभाल का जिम्मा पूर्व सैनिक गोविन्द सिंह नेगी को दिया गया। इस मौके पर प्रधान आगर जवाडी दलेब राणा, साधन सहकारी समिति अगस्त मुनि पूर्व अध्यक्ष दीपा देवी, पंचम सिंह नेगी, लक्ष्मण बर्त्वाल, पपेन्द्र रावत, नव युवक मंगल दल अध्यक्ष दीपक नेगी, रेखा देवी, सुमन देवी, आरती देवी, भारती देवी, उमा देवी , तारा देवी , कमला देवी, वैशाखी देवी, बीना देवी शशि देवी, पूजा देवी, मुन्नी देवी सहित महिला मंगल दल व कीर्तन मण्डली के पदाधिकारी, सदस्य व ग्रामीण मौजूद रहे।

  • Related Posts

    एवरग्रीन टैलेंट शो में हरमन सलूजा बनीं ‘किड्स छत्तीसगढ़’

    Spread the love

    Spread the love    मीडिया प्रभारी छत्तीसगढ़ः सुनील चिंचोलकर                  (नया अध्याय, उत्तराखण्ड)     एवरग्रीन टैलेंट शो में हरमन सलूजा बनीं ‘किड्स छत्तीसगढ़’…

    नियंत्रण औरों पर नहीं, खुद पर कीजिए

    Spread the love

    Spread the love    सुश्री सरोज कंसारी कवयित्री/लेखिका/अध्यापिका अध्यक्ष: दुर्गा शक्ति समिति, गोबरा नवापारा-राजिम,      रायपुर, (छत्तीसगढ़)                        (नया…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    मानौरा: जहां पुरी से वचन निभाने आते हैं भगवान जगदीश

    • By User
    • July 14, 2026
    • 7 views
    मानौरा: जहां पुरी से वचन निभाने आते हैं भगवान जगदीश

    जिला अधिकारी अंशुल सिंह ने बताया कि अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग लोक निर्माण विभाग रानीखेत द्वारा बताया गया क्वारब बाइपास मार्ग आपदा को लेकर बंद किए जाने को लेकर।

    • By User
    • July 14, 2026
    • 12 views
    जिला अधिकारी अंशुल सिंह ने बताया कि अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग लोक निर्माण विभाग रानीखेत द्वारा बताया गया क्वारब बाइपास मार्ग आपदा को लेकर बंद किए जाने को लेकर।

    दोस्ताना माहौल में बच्चों से रूबरू हुई महिला पुलिस, जागरूक करते हुए सड़क सुरक्षा का दिया संदेश।

    • By User
    • July 14, 2026
    • 5 views
    दोस्ताना माहौल में बच्चों से रूबरू हुई महिला पुलिस, जागरूक करते हुए सड़क सुरक्षा का दिया संदेश।

    सिस्टम समझें,,,                           (लेख) 

    • By User
    • July 14, 2026
    • 9 views
    सिस्टम समझें,,,                            (लेख) 

    “जीवंत इंसानियत”         (कविता)

    • By User
    • July 14, 2026
    • 14 views
    “जीवंत इंसानियत”          (कविता)

    साहित्य की जीवंत परंपरा का उत्सव निखिल बंग साहित्य सम्मेलन।

    • By User
    • July 14, 2026
    • 11 views
    साहित्य की जीवंत परंपरा का उत्सव निखिल बंग साहित्य सम्मेलन।