लेखक: हरी राम यादव
सूबेदार मेजर (आनरेरी)
अयोध्या, उत्तरप्रदेश
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
वीरगति दिवस पर विशेष
कैप्टन अजी एन्थनी शौर्य चक्र, मरणोपरान्त
सितंबर 2006 के दौरान 57 राष्ट्रीय राइफल्स, जम्मू – कश्मीर के बांदीपोर जिले में नियंत्रण रेखा के पास तैनात थी। कैप्टन अजी एन्थनी 57 राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात थे। उस समय जम्मू – कश्मीर का बांदीपोर जिला स्थानीय और पाकिस्तानी आतंकवादियों का गढ़ बन चुका था, जो कि लगातार उस क्षेत्र में शांति को भंग करने के मौके ढूढ़ते रहते थे। इसलिए 57 राष्ट्रीय राइफल्स को हमेशा उच्च सतर्कता बनाए रखनी पड़ती थी। यूनिट ने वर्ष की शुरुआत से ही अपनी जिम्मेदारी के क्षेत्र में कई ऑपरेशन किए थे और कैप्टन एंथनी कई ऑपरेशनों में हिस्सा ले चुके थे। 03 सितंबर 2006 को, सुरक्षा बलों को खुफिया स्रोतों से जानकारी मिली कि उनके जिम्मेदारी के क्षेत्र में आने वाले एक गाँव में आतंकवादियों की मौजूदगी है। स्थिति का विश्लेषण करने के बाद सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों से निपटने के लिए एक ऑपरेशन शुरू करने का निर्णय लिया।
03 सितंबर 2006 को संदिग्ध घर को चारों ओर घेर लिया गया। कैप्टन अजी एन्थनी इस दल का नेतृत्व कर रहे थे। लगभग 18:00 बजे, घर की तलाशी के दौरान कैप्टन अजी एन्थनी के दल पर आतंकवादियों ने भारी फायरिंग करनी शुरू कर दी, जिसके कारण इनका दल दो भागों में विभाजित हो गया। आतंकवादियों ने कम संख्या देखकर दूसरे दल पर कारगर और भीषण फायरिंग की चपेट में ले लिया। अपने दूसरे दल को मुश्किल में देखकर कैप्टन अजी एन्थनी ने अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा की परवाह किए बिना अपने साथी सैनिकों के साथ आतंकवादियों को घेरने के लिए घर की ओर दौड़ पड़े। कैप्टन अजी एंथनी और आतंकवादियों के बीच भीषण गोलीबारी हुई। करीबी लड़ाई के दौरान कैप्टन अजी एन्थनी गंभीर रूप से घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद वह युद्ध भूमि में डटे रहे और एक आतंकवादी को मार गिराया। प्राणघातक चोटों के कारण वह आतंवादियों से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हो गये।
कैप्टन अजी एन्थनी ने आतंकवादियों से लड़ने में कर्तव्य के प्रति समर्पण, बहादुरी, साहस और सर्वोच्च कोटि की पहल का परिचय दिया। उनके साहस और वीरता के लिए उन्हें 03 सितम्बर 2006 को मरणोपरान्त “शौर्य चक्र” से अलंकृत किया गया। कैप्टन अजी एंथनी की याद में झांसी के खाटी बाबा निर्मला कान्वेंट स्कूल के पास एक तोरण द्वार तथा शहीद स्मारक का निर्माण करवाया गया है।
झांसी निवासी कैप्टन अजी एन्थनी का जन्म 25 दिसम्बर 1978 को बंग्लौर में श्रीमती ए थोमस तथा श्री पी सी एन्थनी के यहां हुआ था। इन्होंने इण्टरमीडिएट तक की शिक्षा केन्द्रीय विद्यालय, पुणे तथा गुरू हर किशन कालेज, झांसी से स्नातक की शिक्षा पूरी की। 10 दिसम्बर 2002 को भारतीय सेना की राजपूताना राइफल्स में कमीशन लिया और 4 राजपूताना राइफल्स में पदस्थ हुए। बाद में इनकी अस्थायी तैनाती 57 राष्ट्रीय राइफल्स में हुई।







