संवाददाता कन्नौज (उ. प्र.): दीप सिंह
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
आलू के भाव को लेकर किसानों की चिंता, सरकार ने शुरू की राहत की कवायद।
कन्नौज: आलू का उत्पादन अधिक होने के कारण किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिलने में परेशानी हो रही है। बाजार में अपेक्षित भाव नहीं मिलने से आलू उत्पादकों की चिंता बढ़ी है। ऐसे में प्रदेश सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए भामाशाह भाव स्थिरता कोष और भंडारण शुल्क में छूट योजना के प्रचार-प्रसार पर जोर दिया है।
जिला उद्यान अधिकारी के अनुसार, इन योजनाओं का उद्देश्य आलू उत्पादकों को विपणन और भंडारण के दौरान आर्थिक राहत उपलब्ध कराना तथा उपज के बेहतर मूल्य की संभावनाएं बढ़ाना है। विभाग का प्रयास है कि योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचे, जिससे पात्र किसान समय रहते इनका लाभ ले सकें।
उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ की ओर से दोनों योजनाओं से संबंधित पम्पलेट उपलब्ध कराए गए हैं। इनके जरिए किसानों को सरकार की ओर से दी जा रही सुविधाओं और प्रोत्साहनों की जानकारी दी जाएगी।
जिला सूचना कार्यालय द्वारा भी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है। विभाग का मानना है कि किसानों तक समय से सही जानकारी पहुंचने से उन्हें उपलब्ध सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने में मदद मिलेगी और आलू की उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त करने की दिशा में राहत मिल सकेगी।







