मीडिया प्रभारी अल्मोडा़ः दिनेश भट्ट
(नया अध्याय, देहरादून)
सामवेदी उपाकर्म 13 सितंबर को: हस्त नक्षत्र और हरताली पर्व का शुभ संयोग।
सुबह 7:09 बजे तक द्वितीया तिथि रहेगी, जिसके तुरंत बाद लग जाएगी तृतीया तिथि।
अल्मोड़ा: साम वेद को मानने वाले सनातन धर्मी इस वर्ष का सामवेदी उपाकर्म आगामी 13 सितंबर को बेहद शुभ संयोग में मनाएंगे। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस दिन हस्त नक्षत्र और हरताली पर्व का विशेष संयोग बन रहा है।
ज्योतिषाचार्य डॉ. नवीन चंद्र जोशी ने बताया कि 13 सितंबर को सुबह 7:09 बजे तक द्वितीया तिथि रहेगी, जिसके तुरंत बाद तृतीया तिथि लग जाएगी। हरताली पर्व (तीज) का नियम होने के कारण सामवेदी उपाकर्म इसी दिन मनाया जाना पूरी तरह शास्त्रसम्मत और निश्चित है। 13 सितंबर को हस्त नक्षत्र दोपहर 1:7 बजे तक रहेगा। हस्त नक्षत्र की प्रधानता के कारण उपाकर्म का सबसे उत्तम और पुण्यकाल सुबह 7:30 बजे से लेकर मध्याह्न (दोपहर) तक रहेगा। श्रद्धालुओं को इसी समयावधि के भीतर अपनी पूजा और अनुष्ठान संपन्न कर लेने चाहिए। साम वेद के अनुयायी इस पावन दिन पर नदी, तालाब या देवस्थानों पर एकत्रित होकर वैदिक रीति-रिवाज से ऋषितर्पण करेंगे। इसके साथ ही नूतन यज्ञोपवीत (जनेऊ) और रक्षा प्रतिष्ठा का विधान पूरा किया जाएगा। पूजन के पश्चात अभिमंत्रित जनेऊ और रक्षा सूत्र (राखी) धारण करने की परंपरा है, जो आध्यात्मिक ऊर्जा और सुरक्षा का प्रतीक मानी जाती है। उल्लेखनीय है कि तिवारी समुदाय सहित सामवेद के अनुयायी आम रक्षाबंधन के करीब 17 से 18 दिन बाद हरतालिका तीज के दिन रक्षाबंधन और जनेऊ बदलने का पर्व मनाते हैं।







