सुश्री सरोज कंसारी
कवयित्री, लेखिका, शिक्षिका
रिपोर्टर, उद्घोषिका, नवापारा-राजिम,
रायपुर (छत्तीसगढ़)
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
लेख:
हमारे भीतर जो जुनून है, उसे बनाए रखना
: सुश्री सरोज कंसारी।
————————————-
हर इंसान के अंदर कुछ पाने की इच्छाएं होती हैं। अपने जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में संघर्षरत मनुष्य पाने की चाह में कई प्रयास करते हैं। हर इंसान में भावनाएं हैं, जीवन के प्रति उत्साह है, एक इंतजार है अच्छे जीवन जीने का। अपने जीवन में आगे बढ़ना चाहते हैं और अपने सपनों को पूर्ण करने की कोशिश करते हैं। सामान्य से उत्कृष्ट बनने की राह आसान नहीं होती। लगन, मेहनत और साधना पूर्ण जीवन की जरूरत हर पग पर होती है। कुछ श्रेष्ठता को पाने का आधार अपने कार्य के प्रति जुनून है। आप जो भी पाना चाहते हैं उसके लिए भीतर जुनून होना चाहिए। आरंभ से अंत तक अपने जुनून को जागृत रखना जरूरी है। पूरे जुनून के साथ जब हम किसी कार्य की शुरुआत करते हैं तो हमारी शारीरिक-मानसिक क्षमताएं पहले से अधिक सक्रिय, सहयोगी और मार्गदर्शक होती हैं। कई बार हम जोश में कोई कदम उठा तो लेते हैं लेकिन जीवन में मिलने वाली समस्याओं को देखकर पीछे हट जाते हैं। हालात से हार न मानकर हर परिस्थिति में अपने जुनून को बनाए रखना सफलता का आधार है। जुनून एक साधारण इंसान को महान बनाने का माध्यम है। लोगों की नकारात्मक बातों से विचलित न होकर कार्य करते रहने से सफलता अवश्य मिलती है।
जुनून होना ही पर्याप्त नहीं होता, उसे अंत तक बनाए रखना जरूरी है। लोग कई तरह की बातें करेंगे, किसी की भी बातों से या मुसीबत से घबराकर अपने जुनून को शांत मत होने दीजिए। जो सपने हैं, उसे जीने के लिए जुनून जरूरी है। अपनी चाहत को हर पल जीवित रखिए। जुनून ऐसा कि, दिल-दिमाग में बस उसे पूर्ण करने की प्रतिज्ञा हो। मन किसी हालात में भटके नहीं। बुरे हालात से लड़ने और सहने की हिम्मत रखिए। दुनिया में हर तरह के लोग हैं, उसे समझकर संभलकर कार्य कीजिए। जीत के लिए जुनून जरूरी है। जो आपके भीतर जुनून बनाए रखें, ऐसे लोगों के सानिध्य में रहिए। जुनून से जिंदगी में जिज्ञासा बनी रहती है, एक उम्मीद बंधी होती है, एक इंतजार होता है जो हमें जीने के लिए प्रेरित करता है।
कविता:
निरंतर चलते रहना,
बढ़ते रहना कर्म-पथ पर,
और जीवित रखना अपने भीतर
उस जुनून और ललक की आग को।
तुम्हारे भीतर सुलगता यह जुनून
सदा बना रहे, यही एक प्रयास है।
हमारे भीतर किसी लक्ष्य को पाने और कुछ बड़ा करने की जो गहरी लगन और आंतरिक ऊर्जा है, वह कभी बुझनी नहीं चाहिए और उसे हमेशा जिंदा रखना ही हमारा सबसे बड़ा प्रयास होना चाहिए। यह जीवन एक अंतहीन यात्रा है। इस यात्रा में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अपने भीतर के जुनून को हर हाल में बनाए रखना है। बिना जुनून के जिंदगी निराश हो जाती है। जिसमें जुनून है वो हर पल को जीते हैं। कुछ कर गुजरने की चाह ही आपको आगे बढ़ाती है, मन को उदास कर मत बैठिए। एक दिन सांसें थम ही जाएंगी उससे पहले जीवन का आनंद लीजिए, जो पाना है उसके लिए प्रयास करते रहिए। जुनून के साथ जीने से मन में अनावश्यक बातों की थकान नहीं होती। जुनून हमें मजबूत, जागरूक और सक्रिय बनाता है। जुनून के साथ कार्य करने से हमें नई ऊर्जा मिलती है। जुनून अपने कार्य के प्रति निष्ठा, समर्पण और त्याग की भावनाएं भरता है, भय दूर होता है, आत्मविश्वास बढ़ता है, मानसिकता स्थिर होती है, जुनून से मानसिक कुंठाओं से मुक्त होते हैं।
वैसे तो हर इंसान की चाहत होती है – अपने जीवन में हर उस चीज को पाना जिसे वो प्रेम करते हैं, जिनमें उनकी खुशी जुड़ी होती है। हर इंसान अपने सपने को पूर्ण करना चाहता है लेकिन कई बार हम सोचते रह जाते हैं और कर नहीं पाते, अधूरी सी ख्वाहिश को लेकर अफसोस करते रहते हैं। मजबूरी भी कभी-कभी हमें सपनों को पूर्ण करने में बाधक होती है। जीवन की समस्याएं कभी कम नहीं होतीं, वह जीवन के हर पग में साथ ही रहती हैं, बस हमें आगे जाने की हिम्मत रखनी है। हम कभी-कभी निराशाओं में डूबकर कोशिश करना ही छोड़ देते हैं। जब लगातार मनुष्य अपने जीवन में संघर्ष करता है और हर बार निराशा ही हाथ लगती है, जैसे छल, षड्यंत्र, धोखा, असफलता, तब व्यक्ति उम्मीद ही छोड़ देता है। अगर आपका उद्देश्य सही है तो जुनून ताकत बन जाता है। जुनून किसी कार्य को करने या कुछ पाने की तीव्र इच्छा है। जिस चीज से आपको बेहद लगाव हो उसे पा लेने की चाहत, उसके लिए कुछ भी कर गुजरने की लालसा जुनून है। किसी भी प्रिय व्यक्ति या कार्य के प्रति दिल की गहराई से अपनत्व का भाव है, जिसके बिना जिंदगी अधूरी महसूस हो, उसे पाने की व्याकुलता ही जुनून है। जब किसी कार्य को करने या कुछ पाने का जुनून होता है तो व्यक्ति हर तरह की मुश्किलों को पार करने के लिए तैयार हो जाता है। सही कार्य के लिए किए गए जुनून से परिणाम भी बेहतर मिलते हैं लेकिन गलत कार्य के प्रति जुनून हमेशा नुकसानदायक होता है। अपनी पसंद की जिंदगी पाने, मानसिक संतुलन बनाने, व्यक्तित्व के विकास और सामान्य से उत्कृष्ट बनने के लिए मन-मंदिर में जुनून की ज्योति जलाए रखिए।







