“पानी नौला” लोक गीत ने उत्तराखंड संगीत जगत में मचाई धूम।

Spread the love

 

ब्यूरो कुमाऊं, दयानन्द कठैत 

 

           (नया अध्याय, उत्तराखण्ड)

 

 

 

“पानी नौला” लोक गीत ने उत्तराखंड संगीत जगत में मचाई धूम।

 

 

     अल्मोड़ा: उत्तराखण्ड की समृद्ध लोक संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य और लोक संगीत को खूबसूरती से प्रस्तुत करने वाला नया लोक गीत “पानी नौला” इन दिनों उत्तराखंड के संगीत जगत में खूब चर्चाओं का विषय बना हुआ है। मुनस्यारी की मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता को केन्द्र में रखते हुए,इस गीत की रचना की गई है।

 

           इस गीत को उत्तराखंड की सुप्रसिद्ध लोक गायिका प्रियंका चोपड़ा चम्याल और जाने माने लोक गायक राकेश पनेरू ने अपनी मधुर आवाज दी है। यह गीत खुशाल इंटरटेनमेंट के बैनर तले प्रकाशित हुआ है और रिलीज होने के बाद से ही ‘यू ट्यूब, इंस्टाग्राम’ सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दर्शकों और श्रोताओं के बीच खूब पसंद किया जा रहा है।

 

                       इस गीत का निर्देशन सैंडी गुसाई ने किया है, जबकि इसके खूबसूरत वीडियो फिल्मांकन क जिम्मेदारी गोविंद नेगी ने निभाई है। गीत में पन्नू गुसाई ने मुख्य अभिनेता तथा दीक्षा तोमक्याल ने मुख्य अभिनेत्री के रूप में प्रभावशाली भूमिका निभाई है।

 

          गीत के मुख्य प्रोड्यूसर कुमुद जोशी एवं रेखा जोशी हैं। गीत की रिकार्डिंग से लेकर फिल्मांकन और पूरी परियोजना को सुव्यवस्थित ढंग आगे बढ़ाने में मैनेजर मनोज चम्याल की अहम भूमिका रही है।

 

          इस गीत का म्यूजिक डायरेक्शन यमनजीत मंगोली ने किया है, जबकि मिक्सिंग एवं मास्टरिंग सुशांत मोहन द्वारा की गई है। गीत की संगीत रचना, गायकी, अभिनय और शानदार लोकेशन के साथ बेहतरीन फिल्मांकन ने इसे एक संपूर्ण आकर्षक प्रस्तुति का रूप दिया है।

 

          गीत में पंकज कार्की के कोरस डांस ग्रुप ने भी अपनी शानदार प्रदर्शन से चार चांद लगाए हैं । विशेष बात यह है कि इस गीत के निर्माण में उत्तराखंड के अल्मोड़ा जनपद से जुड़े अनेक कलाकारों और तकनीकी कलाकारों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इससे यह गीत न केवल उत्तराखंड की लोक संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य को व्यापक मंच प्रदान कर रहा है बल्कि प्रदेश के स्थानीय कलाकारों की प्रतिभा को भी सामने लाने का काम कर रहा है।

 

 

    “पानी नौला” गीत के माध्यम से मुनस्यारी की मनमोहक प्राकृतिक खूबसूरती, उत्तराखंड की लोक संवेदना और पहाड़ की सांस्कृतिक पहचान को देश-दुनिया के दर्शकों तक पहुंचाने का सुंदर प्रयास किया गया है।

  • Related Posts

    केदारनाथ से लौटी भगवती कालीमाई की दिवारा यात्रा।

    Spread the love

    Spread the love  सम्पादक रुद्रप्रयागः लक्ष्मण सिंह नेगी                     (नया अध्याय, उत्तराखण्ड)     केदारनाथ से लौटी भगवती कालीमाई की दिवारा…

    आर्य कन्या इंटर कॉलेज अल्मोड़ा में जिला स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी का आयोजन।

    Spread the love

    Spread the love  मीडिया प्रभारी अल्मोडा़ः दिनेश भट्ट                    (नया अध्याय, उत्तराखण्ड)   आर्य कन्या इंटर कॉलेज अल्मोड़ा में जिला स्तरीय विज्ञान…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    केदारनाथ से लौटी भगवती कालीमाई की दिवारा यात्रा।

    • By User
    • September 22, 2026
    • 13 views
    केदारनाथ से लौटी भगवती कालीमाई की दिवारा यात्रा।

    “पानी नौला” लोक गीत ने उत्तराखंड संगीत जगत में मचाई धूम।

    • By User
    • September 22, 2026
    • 14 views
    “पानी नौला” लोक गीत ने उत्तराखंड संगीत जगत में मचाई धूम।

    आत्मचंतन

    • By User
    • September 22, 2026
    • 12 views
    आत्मचंतन

    कानड नगर परिषद के खिलाफ युवाओं ने खुला मोर्चा, ओर साफ-सफाई सहित मूलभूत सुविधाओं को लेकर जताया आक्रोश।

    • By User
    • September 21, 2026
    • 7 views
    कानड नगर परिषद के खिलाफ युवाओं ने खुला मोर्चा, ओर साफ-सफाई सहित मूलभूत सुविधाओं को लेकर जताया आक्रोश।

    सादगी को ही समझदारी समझना

    • By User
    • September 21, 2026
    • 8 views
    सादगी को ही समझदारी समझना

    ”खुद को दबाव से दूर रखो!”

    • By User
    • September 21, 2026
    • 11 views
    ”खुद को दबाव से दूर रखो!”