राजेंद्र रंजन गायकवाड (सेवा निवृत्त केंद्रीय जेल अधीक्षक) बिलासपुर, छत्तीसगढ़
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड) (w)6395080071
वफा!
वफ़ा करूँ तो किससे करूँ, सब बेवफ़ा हैं,
रातों की नींद उड़ गई, दिन भी अब उदास है।
वक़्त ने सिखाया बहुत, पर भूल न सका मैं,
हर साँस में बस तू ही तू, मेरे आसपास हैं।
आँखों में बसाया तुझे, पर छू न सका कभी,
दूरियाँ दीवार बनी, फासले टूटने की आस है।
यादों की बारिश में , भीगता हूँ अकेला ही,
तेरी कमी का दर्द ही, मेरे लिए खास है।
ग़ज़ल ये अधूरी-सी लगे, जैसे मेरा इश्क़ रहा,
प्यार तो अब रब से करूँ, वही एक विश्वास है।







