भारतीय संस्कृति के अनुरूप दार्शनिक
युगपुरुष कविवर ‘सूर्य’
मुश्किलों का सामना करना है…
मुश्किलें तो आती रहेंगी जीवन में,
तुझे मुश्किलों का सामना करना है।
धैर्य रख, निरंतर तुझे चलना होगा,
निडर हो, जंग जीवन की लड़ना है।।
तुझे क़दम-क़दम पर आगे बढ़ना है।
मुश्किलों का सामना करना है।।
जीवन में, कुछ पाना तो कुछ खोना है,
सबके प्रति हृदय में, प्रेम जगाए रख।
तुझे कदम-कदम पर, आगे बढ़ना है।
मुश्किलों का सामना करना है।।
काव्य के मर्म समझने और समझाने के साथ ही, संवेदनाओं को जगाना और विकसित करना अति आवश्यक है।







