सुश्री सरोज कंसारी
लेखिका, कवयित्री व शिक्षिका
अध्यक्ष: दुर्गा शक्ति समिति,
नवापारा-राजिम, (रायपुर, छ.ग.)
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
हरा हमारा संकल्प!
(काव्य)
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प्रकृति का हर रूप है मनोहर,
इसे स्वीकारो, इसके हर रूप को निहारो।
हर कण में बसा है यहाँ सौंदर्य,
रक्षा के लिए अपने हाथ बढ़ा लो।
नदी, पर्वत, झील, घाटी, कितने सुंदर दृश्य,
कभी मत करो इसे दूषित,
हर पल सँवारो इसकी समृद्धि का कवच।
धूप की तपिश में देती है शीतल छाँव,
बरगद, पीपल, नीम को कभी मत काटो।
वन-उपवन हैं जीवन के आधार हमारे,
इन्हें कभी नष्ट मत करो।
प्रकृति से करो प्यार,
क्यों न हम सब मिलकर इसकी महत्ता पहचानें,
कि फिर कोई जंगल-झाड़ी वीरान न हो।
ईश्वर की सुंदर कृति है प्रकृति,
इसके आँचल में है हम सबकी जिंदगी।
पर्यावरण की रक्षा है
हम सबकी अहम जिम्मेदारी,
संकल्प जरूर करो।
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