ब्यूरो गोंडा (उ. प्र.): सियाराम पाण्डेय
(नया अध्याय)
गोंडाः वजीरगंज विकास खंड के बाल्हाराई में स्थित बालेश्वरनाथ मंदिर एक पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व का स्थान है, जहां महाशिवरात्रि के अवसर पर भव्य आयोजन किया जाता है। इस मंदिर के इतिहास के बारे में श्रीमद्भागवत में उल्लेख मिलता है, जो इसकी प्राचीनता और महत्व को दर्शाता है।
कथा के अनुसार, अयोध्या नरेश मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के पूर्वज महाराज सुद्युम्न ने शिव पार्वती के वर्जित क्षेत्र में जाने से शापित होकर स्त्री रूप धारण कर लिया था। शाप से मुक्ति पाने के लिए उन्होंने शिवलिंग की स्थापना की, जो आज बालेश्वरनाथ मंदिर के रूप में प्रसिद्ध है।
एक अन्य कथा के अनुसार, यह क्षेत्र बेल का घना जंगल था, जहां मुगल शासक की सेना रुकी थी। भोजन निर्माण के लिए सूखे बेल के पेड़ को काटने पर शिव लिंग निकला, जिसे सैनिकों ने आरे से काटने का प्रयास किया, जिससे खून की धार के साथ मधुमक्खी, सांप, बर्रे आदि ने हमला कर दिया। सैनिक भाग गए और क्षेत्रीय जनता के आपसी सहयोग से मंदिर निर्माण हुआ। बेल से निकले शिवलिंग की वजह से नाम विल्वेश्वर नाथ रखा गया, जो कालांतर में बालेश्वर नाथ हो गया।
पुजारी शिवभगवान ने बताया कि इस मंदिर का पौराणिक इतिहास है, जिसके निर्माण के बारे में श्रीमद्भागवत में वर्णित है। यहां पूरे वर्ष भागवत भंडारे एवं अखंड रामायण समेत अनेक धार्मिक आयोजन होते रहते हैं। पुत्र प्राप्ति पर पुतली लिखाई भी होती है। इस मंदिर के प्रति लोगों में गहरी आस्था है और मन्नतें भी पूरी होती हैं। गरीब, अमीर एवं सभी जातियों के लोग बिना भेदभाव के एक साथ नतमस्तक होते हैं।
पूरे वर्ष यहां पूजन अर्चन होता रहता है और महाशिवरात्रि के अवसर पर विशेष आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी उमेश्वर प्रभात सिंह, थानाध्यक्ष विपुल कुमार पांडेय ने भ्रमण कर व्यवस्था का जायजा लिया और मेले को शांति पूर्वक सम्पन्न कराने की तैयारियां पूरी की जा रही हैं।
बालेश्वरनाथ मंदिर एक ऐसा स्थान है, जहां लोगों की आस्था और विश्वास का केंद्र है। यहां के पुजारी और प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, ताकि वे आराम से पूजा-अर्चना कर सकें।
इस मंदिर के महत्व को देखते हुए, यहां के आसपास के क्षेत्र में भी विकास कार्य किए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। बालेश्वरनाथ मंदिर एक ऐसा स्थान है, जो लोगों को शांति, सुख और समृद्धि प्रदान करता है।







