मीडिया प्रभारीः दिनेश भट्ट
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
विश्व नेत्रदान दिवस (World Eye Donation Day) हर वर्ष 10 जून को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को मृत्यु के बाद अपनी आँखें (कॉर्निया) दान करने के लिए जागरूक करना और नेत्रदान के महत्व को समझाना है।
अल्मोड़ाः डॉक्टर जे सी दुर्गापाल ने कहा किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसकी आँखों के कॉर्निया को निकालकर उन लोगों में प्रत्यारोपित किया जाता है जिनकी दृष्टि कॉर्निया की खराबी के कारण प्रभावित है।
एक व्यक्ति के नेत्रदान से दो लोगों को दृष्टि मिल सकती है।
महत्वपूर्ण बातें
नेत्रदान की कोई आयु सीमा नहीं होती है अधिकांश लोग नेत्रदान कर सकते हैं।
चश्मा पहनने वाले या मोतियाबिंद का ऑपरेशन करा चुके व्यक्ति भी प्रायः नेत्रदान कर सकते हैं।
मृत्यु के बाद सामान्यतः 4–6 घंटे के भीतर आँखें सुरक्षित रूप से निकाली जाती हैं।







